रायपुर में एक स्कूल में 100 बार उठक-बैठक की सजा मिलने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई. सजा के दौरान उसे चक्कर और सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया और बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया. घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया.
Raipur News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक बच्चे को स्कूल में कथित तौर पर 100 बार उठक-बैठक लगाने की सजा दिए जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई. जानकारी के अनुसार, सजा के दौरान बच्चे की हालत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद स्कूल मैनेजमेंट और परिजनों में हड़कंप मच गया. बच्चे को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रायपुर रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि किसी अनुशासनहीनता या पढ़ाई से जुड़ी बात को लेकर बच्चे को यह सजा दी गई थी. उठक-बैठक की अधिक संख्या के कारण बच्चे को चक्कर, कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत होने लगी. इस घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. शिक्षकों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और बच्चे को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की है.
सेहत पर गंभीर असर
डॉक्टरों के मुताबिक, अत्याधिक शारीरिक दंड बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है. खासकर कम उम्र के बच्चों में ज्यादा शारीरिक मेहनत अचानक कराने से मांसपेशियों में खिंचाव, ब्लड प्रेशर में बदलाव और बेहोशी जैसी समस्या हो सकती है. इस घटना के बाद परिजनों ने नाराजगी जताई है और पूरे मामले की जांच की मांग की है. उनका कहना है कि स्कूलों में बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए ऐसी सजा देना सही नहीं है. शिक्षा विभाग की ओर से भी मामले की जानकारी ली जा रही है.
फिलहाल बच्चे की हालत पर नजर रखी जा रही है. रायपुर के अस्पताल में उसका इलाज जारी है. इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में शारीरिक दंड को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं और बच्चों की सुरक्षा और मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की जरूरत को रेखांकित किया है.