रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरवानी में आवारा गोवंश को गांव से बाहर बिजली करंट की तार से घेर कर रखा गया है ।
खरसिया || देश में जहां एक और गौ माता पर हो रही अत्याचार के खिलाफ गौ सेवकों के प्रदर्शन और धरने हो रहे हैं , गौ रक्षा दल जहां अपने जान पर खेल गोवंश की रखवाली कर रहे हैं, वही खरसिया से एक ताजा मामला सामने आया है जहां गांव के लोगों द्वारा मिल कर गोवंश को बिजली तार के बने घेरे के भीतर रखा गया है ।
खरसिया जहां हर रोज नेशनल हाईवे में किसी न किसी गौवंश की निर्ममता से मौत की खबर निकल आती है, खरसिया जहां के छोटे छोटे बच्चे अपनी जान से खेले गौ सेवा करते हैं ऐसे पावन भूमि
गाय की सुरक्षा को लेकर पूरे देश में माहौल गर्म है। तमाम सरकारें गायों को बचाने की मुहिम छेड़े हुए हैं। गाय और गोवंश महफूज रह सकें इसके लिए नियम कानून सख्त कर दिए गए हैं। लेकिन खरसिया में गायों के साथ क्रूरता का ऐसा खेल खेला जा रहा है कि कानों पर यकीन न हो। रायगढ़ जिला के खरसिया ब्लॉक मुख्यालय से कुछ ही दूर स्थित ग्राम पंचायत सरवानी में गायों को बिजली तार के बने घेरे में रखा गया है, और तार पर करंट लगा दिया गया है। जहां उनके खाने पीने की भी उचित व्यवस्था नहीं है, बरसाती पानी को पीकर के गोवंश जीवित बची हुई हैं । हैरानी की बात ये है कि इस इंसानी क्रूरता पर अभी तक सरकारी तंत्र की कोई निगाह ही नहीं पड़ी है।
गांव के ही स्थानीय लोगों ने नाम छिपाने की शर्त पर खबर छत्तीसगढ़ को बताया कि इन गोवंशो को मौत के मुंह में धकेले हुए 15 दिन से ऊपर हो गया है । ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सरपंच प्रतिनिधि के नेतृत्व में गांव के लोगों ने मिल कर के इस क्रूरता को अंजाम दिया है ।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सरपंच प्रतिनिधि ने ग्रामीणों से वादा किया था कि बरसात के समय में गोवंशो की देख भाल की जिम्मेदारी सरपंच प्रतिनिधि ने अपने ऊपर ली थी, तो क्या इस प्रकार से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं ।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इन गोवंशो की रक्षा सुरक्षा के लिए कोई सामने आता है या नहीं ....