शेखर श्रीवास, धर्मजयगढ़
रायगढ़ || जिले के खरसिया जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत दर्री में पदस्थ पंचायत सचिव सुचित्रा डनसेना के पति श्री तुकाराम डनसेना का ग्राम पंचायत में बोलबाला है । अपने पत्नी के कार्य को सचिव पति अपने कंधों पर ले पंचायत को गर्त में ढकनेलने की पूरी तैयारी कर चुके हैं ।
ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि सचिव पति जी अपनी धर्मपत्नी की संपूर्ण कार्य को स्वयं करते हैं और पी एम आवास योजना के नाम पर लोगों से बड़ी रकम रिश्वत के रूप में ऐंठ रहे हैं । एक ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने पंचायत सचिव के पति को 6 हजार रुपए दिए तो उन्होंने ने बिना मकान बने ही उनका फोटो सत्यापन करा दिया । अब आप सोच रहे होंगे कि आवास का काम कराना तो रोजगार सहायक और आवास मित्र का काम है, इसमें सचिव पति क्या कर सकता है, तो ये खरसिया है साहब ये अब कुछ संभव है दरअसल बात यह है कि यहां का रोजगार सहायक लगभग पिछले दो सालों से निलंबित चल रहा है तो अब पंचायत के कामों की सारी बागडोर सचिव पति के हाथों आ चुकी है । जब इलेक्ट्रानिक मीडिया की हमारी सहयोगी पत्रकार ने सचिव से बात कर जानकारी जाननी चाही तो सचिव ने कॉल रिसीव कर मीडिया का नाम सुनते ही अपने पति को मोबाइल पकड़ा दिया, आदत से मजबूर साहब क्योंकि सुचित्रा डनसेना तो सिर्फ नाम की सचिव हैं काम की सचिव तो उनके पति ही हैं , जब मीडिया ने अपनी पत्नी के काम को सचिव पति के द्वारा करने की बात कही तो उन्होंने इस आरोप को एक सिरे से नकारते हुए पत्रकार पर मानहानि का केस करने की भी धमकी दे डाली, और साथ ही कई स्थानीय पत्रकारों से पत्रकार को कॉल करा कर धमकाने या खबर न छापने के लिए दबाव बनाने को भी कोशिश करी, पर सच्चाई कहां छुपती है साहब !!
अगर सचिव जी के ऊपर लग रहे सारे आरोप निराधार हैं तो उन्हें स्थानीय पत्रकारों का सहारा ले पत्रकार को धमकाने की क्या आवश्यकता आन पड़ी ।
अब क्या सही क्या गलत ये तो तब ही पता चलेगा जब प्रशासन की नींद जागेगी और ऐसे सचिवों पर जांच बैठाई जाएगी ।