मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में राज्य की विकास योजनाओं को साझा किया. उन्होंने माओवाद से मुक्ति का लक्ष्य 2026 तक का बताया और महिला सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना की जानकारी दी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी विकास यात्रा को “छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव” के रूप में मना रहा है. वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करना हमारा मुख्य उद्देश्य है. उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई का उल्लेख करते हुए कहा कि मार्च 2026 तक देश को माओवाद से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है. पिछले 20 महीनों में हमारे सुरक्षाबलों ने 450 माओवादियों को मारा है और 1578 को गिरफ्तार किया है. शीर्ष माओवादी नेताओं बसवराजू और सुधाकर का सफाया भी हमारी बड़ी सफलता है. 1589 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 50 बंद स्कूलों को पुनः खोला गया है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी विकास यात्रा को “छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव” के रूप में मना रहा है. वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करना हमारा मुख्य उद्देश्य है. उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई का उल्लेख करते हुए कहा कि मार्च 2026 तक देश को माओवाद से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है. पिछले 20 महीनों में हमारे सुरक्षाबलों ने 450 माओवादियों को मारा है और 1578 को गिरफ्तार किया है. शीर्ष माओवादी नेताओं बसवराजू और सुधाकर का सफाया भी हमारी बड़ी सफलता है. 1589 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 50 बंद स्कूलों को पुनः खोला गया है.
विकास योजनाएं और महिला सशक्तिकरण
नीतिगत योजनाओं की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्लानार योजना” का उल्लेख किया, जिसके तहत 327 गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं. महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए “महतारी वंदन योजना” शुरू की गई है, जिसके तहत 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1-1 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रहे हैं.
उद्योग, स्टार्टअप और निवेश में छलांग
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति बनाई गई है. इसके माध्यम से राज्य के 100 तकनीकी संस्थानों के 50,000 छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाई जाएगी. राज्य में 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. “ईज ऑफ लिविंग” और “स्पीड ऑफ बिजनेस” को बढ़ावा देने के लिए 350 से अधिक सुधार किए गए हैं. सिंगल विंडो सिस्टम से निवेश प्रक्रिया अब सरल और पारदर्शी हो गई है.
औद्योगिक नीति और निवेश की नई राह
नई औद्योगिक नीति के तहत पावर सेक्टर पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इससे छत्तीसगढ़ देश का ऊर्जा हब बनेगा. रायपुर सहित दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में इन्वेस्टर्स समिट आयोजित कर अब तक 6.65 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.
नई परियोजनाएं और रोजगार
छत्तीसगढ़ में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमि पूजन किया गया है, जिसकी लागत 1100 करोड़ रुपए है. नवा रायपुर में 271 करोड़ की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की स्थापना की जाएगी, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा. राज्य में राजधानी क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास के लिए एक प्राधिकरण भी बनाया जा रहा है. इनलैंड कंटेनर डिपो और ड्राईपोर्ट में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे व्यापार और रोजगार दोनों को गति मिलेगी.