छत्तीसगढ़ मंत्रीमंडल का विस्तार क्यों नहीं हो पा रहा, तीन तीन नाम फाइनल होने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार क्यों नहीं हो पा रहा । क्या सरकार के पास निर्णय लेने की क्षमता नहीं है ? क्या सरकार जानबूझकर मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं करना चाहती ?
छत्तीसगढ़ में मई 2024 में चुनाव हुआ और अब मई 2025 भी गुजर गया मतलब कि सरकार बने एक साल पूरा हो गया, और अभी तक एजुकेशन आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभाग As Obvious मुख्यमंत्री के पास हैं ।
छत्तीसगढ़ में कई बार मीटिंग हो गया, केंद्रीय नेतृत्व के बड़े नेता प्रदेश में आकर चले गए , प्रदेश के कई नेता दिल्ली से आ गए पर केंद्रीय नेतृत्व और राज्य के नेताओं दोनों के बीच संतुलन नहीं हो पा रहा कभी क्षेत्रीय संतुलन नहीं बन पा रहा तो कभी जातिगत संतुलन बिगड़ जा रहा, और इस कारण जुगाड वाले नेता मंत्रीपद की अपनी दावेदारी अपने समर्थकों के जरिए पेश कर रहे हैं ।
छत्तीसगढ़ में फिलहाल में मंत्री के 3 पद रिक्त हैं जिस पर मंत्रियों की नियुक्ति होनी है , और इन तीन पदों पर नियुक्ति के लिए आज से छह माह पहले नाम फाइनल हो चुके थे जिसमें एक नाम बिलासपुर के सीनियर विधायक अमर अग्रवाल, दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा हैं , रायपुर उत्तर के जो विधायक हैं वह उड़ीसा से है और इस कारण उनका देश के राष्ट्रपति से पहचान है क्योंकि वह भी उड़ीसा से हैं तो मीडिया सूत्रों की माने तो पुरंदर को रायपुर उत्तर का टिकट देने के लिए प्रस्ताव राष्ट्रपति जी से आया था और अब जब वह चुनाव जीत गए हैं तो उनको मंत्री बनाने के लिए भी राष्ट्रपति जी से प्रस्ताव आ रहा है। पर इन सब के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह चाहते हैं कि उनके जो सबसे खास विधायक है राजेश मूणत उनको मंत्रिमंडल में जगह दी जाए । मीडिया के विश्वस्त सूत्रों की माने तो अमर अग्रवाल के नाम को लेकर पार्टी का कहना है कि पार्टी अब नया नया दौर लाना चाहती है जहां युवाओं को मौका मिले इसी कारण अभी प्रदेश में युवाओं को नए चेहरों को मंत्रीपद दिया गया है ।
अब मंत्री के तीन रिक्त पदों के लिए नियुक्ति करनी है और सरकार को एक साल पूरे हो चुके हैं अगर ऐसे में नए चेहरों को मौका दिया जाता है तो उनको तो काम सीखने में ही समय निकल जाएगा । वहीं एक साल में मंत्री मंडल विस्तार न हो पाने के कारण प्रदेश की जनता के बीच सरकार की नेतृत्व क्षमता को लेकर सवाल उठ रहे हैं । ऐसे में प्रदेश के विकास के लिए और मंत्रिमंडल विस्तार के लिए पार्टी को सख्त रूप अपनाकर यथाशीघ्र मंत्रिमंडल विस्तार करने की आवश्यकता है ।