वर्तमान मानसून सत्र में जिले की चार तहसीलों में 11 अगस्त तक जितनी बारिश होती है, उस औसत से अधिक बारिश हो गई है। जबकि पांच तहसीलों में बारिश का कोटा अभी पूरा नहीं हुआ है।
यही कारण है कि अभी भी जिला कम बारिश वाले जिलों में प्रदेश में पांचवें नंबर पर है। वहीं पड़ोसी जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की स्थिति और खराब है। वहां अभी भी औसत से 27 प्रतिशत कम बारिश हो सकी है। वर्तमान मानसून में बारिश के 72 दिन बीत गए हैं। इस दौरान जिले में पिछले पखवाड़े ही ऐसी स्थिति आई थी, जब अधिक बारिश हुई। इससे पहले बारिश जिले में कम ही हुई है। इसके बाद भी अधिक बारिश हुई हो, ऐसा नहीं है। पड़ोसी जिले सक्ती, जांजगीर-चांपा में लगभग रोज ही अच्छी बारिश हो रही है। लेकिन रायगढ़ और सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले में बारिश नहीं के बराबर हो रही है। शनिवार की सुबह से लेकर रविवार की सुबह 8.30 बजे तक 24 घंटे में जिले के रायगढ़, पुसौर, खरसिया, लैलूंगा, तमनार, मुकडेगा, धरमजयगढ़ तहसील क्षेत्र में बारिश ही नहीं हुई। वहीं कापू तहसील में मात्र 1 मिमी तो घरघोड़ा में 2.6 मिमी तथा छाल तहसील में 7.5 मिमी बारिश हुई।
आज बूंदाबांदी के आसार: मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार मानसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल पर श्रीगंगानगर, दिल्ली, उरई, सीधी, दीघा और उसके बाद पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक साइक्लोन भी उत्तर-पूर्व राजस्थान से बांग्लादेश तक 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इस वजह से सोमवार को हल्की बारिश अथवा बूंदाबांदी का अनुमान
है।
