Mahadev Gambling App Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक साधारण से जूस की दुकान चलाने वाला लड़का यूएई में जाकर सट्टा किंग बन जाता है. करोड़ो रुपये जमाकर वह दुबई में बैठा हुआ है.
सौरभ चंद्राकर भिलाई मे रहकर जूस कॉर्नर चलाता था, इसके बाद वह ऑफलाइन सट्टा के कारोबार में शामिल हो गया. फिर जब कोरोना काल आया तब वह ऑफलाइन सट्टा का कारोबार बंद करके हैदराबाद के किसी ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले व्यक्ति से मिला और फिर वहां से इसने ऑनलाइन सट्टा की ट्रेनिंग ली.
करोड़ों रुपए किया जमा
इसके बाद से धीरे-धीरे सौरभ चंद्राकर ऑनलाइन सट्टा का कारोबार दुर्ग से पूरे देश में फैलाया और करोड़ों रुपए कमा कर दुबई में जा बैठा. अब सौरभ चंद्राकर दुबई में ही बैठकर पूरे देश में ऑनलाइन सट्टे का करोड़ों का कारोबार करता है. दुर्ग पुलिस ने सौरभ चंद्राकर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किया है और लुक आफ सर्कुलर ऑर्डर भी जारी कर दिया है.
सट्टा किंग कैसे पहुंचा दुर्ग से दुबई
दुर्ग एसपी शलभ सिन्हा ने खबर छत्तीसगढ़ न्यूज़ से बात करते हुए बताया कि सौरभ चंद्राकर महादेव एप का ऑनर है और दुबई से ये अपना पूरा आर्गेनाइजेशन बनाकर वही से ऑपरेट करता है. ये भिलाई का रहने वाला था भिलाई जूस सेंटर संचालक था. लॉकडाउन के दौरान यह कुछ लोगों के संपर्क में आया और उनके साथ मिलकर सट्टे का काम शुरू किया था. फिर उसके बाद ऑनलाइन सट्टा के कारोबार में घुस गया. हैदराबाद में जाकर रेड्डी अन्ना ऑनलाइन सट्टा के बारे में ट्रेनिंग लिया और वहां से दुबई चला गया.
32 एफआईआर दर्ज
फिर वहां बैठकर महादेव एप ऑनलाइन सट्टा का कारोबार करने लगा. आगे एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि ऑनलाइन महादेव एप के खिलाफ दुर्ग पुलिस लगातार कार्यवाही कर रही है. अभी तक पुलिस ने इस मामलों में 32 एफआईआर दर्ज किया है. इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. इसके साथ ही 100 करोड़ के बैंक ट्रांजैक्शन को होल्ड कराया गया है. अभी ऑनलाइन गेमिंग एप के तहत हमारी कार्रवाई चल रही है.
सट्टा किंग तक पहुंचाने का कर रहे हैं प्रयास
वही सौरभ चंद्राकर का यूएई में शादी करने का वीडियो वायरल होने पर एसपी शलभ सिन्हा ने कहा कि पुलिस ने लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया है. अगर कभी भी भारत आने का वह प्रयास करते हैं या फिर यहां पर है और भारत से बाहर जाने का प्रयास करते हैं तो उनको एयरपोर्ट पर रोक लिया जाएगा. क्योंकि अभी सौरभ चंद्राकर दुबई में है तो राज्य पुलिस इतने रिसोर्सेस नहीं है कि हम डायरेक्ट उनके पास पहुंच सके. लेकिन केंद्र सरकार के माध्यम से हम प्रयास कर रहे हैं कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके