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बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे का मकसद कृषि को बढ़ावा देना है,उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना नहीं- सीएम साय

 

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को नक्सलवाद के खात्मे से जुड़े मकसद पर बयान दिया है. उन्होंने इसके साथ ही उन आरोपों को खारिज कर दिया है. जिसमें यह कहा जा रहा है कि राज्य के बस्तर इलाके में उद्योगपतियों के लिए रास्ता बनाने के लिए नक्सलवाद को खत्म किया जा रहा है. सीएम साय ने इसे गुमराह करने वाला प्रोपेगैंडा बताया.

बस्तर में कृषि विकास पर सरकार का फोकस-सीएम साय

सीएम साय ने कहा कि बस्तर में सरकार का फोकस खेती, सिंचाई, टूरिज्म और लोकल रोज़गार को बढ़ावा देने पर है. उन्होंने कहा कि "आरोप है कि उद्योगपतियों को बसाने के लिए वहां नक्सलवाद को खत्म किया जा रहा है. मैं राज्य और बस्तर के लोगों को बताना चाहता हूं कि यह पूरी तरह से गुमराह करने वाला प्रोपेगैंडा है," साय ने राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए यह बाते कही हैं.

सरकार का मकसद बस्तर में खेती को बढ़ावा देना, सिंचाई की सुविधाएं बढ़ाना और जंगल की पैदावार में वैल्यू एडिशन के ज़रिए रोज़गार पैदा करना है. घने जंगलों और झरनों का फायदा उठाकर टूरिज्म को बढ़ावा देना और होम-स्टे की पहल को बढ़ावा देना भी मुख्य प्राथमिकताएं हैं.- विष्णुदेव साय, सीएम, छत्तीसगढ़

नियद नेल्लानार योजना से हो रहा फायदा

सीएम साय ने नक्सलवाद को खत्म करने की 31 मार्च, 2026 की डेडलाइन का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि उग्रवाद विकास में एक बड़ी रुकावट बना हुआ था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मज़बूत इच्छाशक्ति और गाइडेंस की वजह से, यह अब खत्म होने की कगार पर है. साय ने माओवादियों के खिलाफ लड़ाई में शामिल सुरक्षाकर्मियों की हिम्मत और कुर्बानी को सलाम किया.नियाद नेल्लनार योजना के ज़रिए अब गांवों तक विकास पहुंच रहा है, उन्होंने दावा किया कि माओवादियों की सेंट्रल कमेटी के सदस्य हिडमा (जो पिछले साल आंध्र प्रदेश में एक एनकाउंटर में मारा गया था) की मां भी सरकार द्वारा खोले गए एक हॉस्पिटल में इलाज करा रही हैं.

कांग्रेस पर सीएम साय का हमला

भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए, साय ने आरोप लगाया कि उनके पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार ने राज्य को "खोखला" कर दिया था.उन्होंने कहा कि कोयला, शराब, बेटिंग ऐप और डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) फंड से जुड़े घोटाले सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि पहले भ्रष्टाचार में खोए गए फंड अब सरकारी खजाने में जमा किए जा रहे हैं और कल्याणकारी योजनाएं चलाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं.कांग्रेस के राज में 2021 में एक्साइज रेवेन्यू 5,110 करोड़ रुपये था, जो उनकी सरकार में 2025-26 में बढ़कर 11,000 करोड़ रुपये हो गया है.इसी तरह, मिनरल रेवेन्यू 2021-22 में 12,305 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में अनुमानित 16,500 करोड़ रुपये हो गया है.

भूपेश बघेल और सिंहदेव पर हमला

पिछली कांग्रेस सरकार ने राजीव गांधी के नाम पर युवा मित्र क्लब बनाए थे, लेकिन वे भी भ्रष्टाचार से ग्रस्त थे. युवा मित्र क्लब का खर्च सिर्फ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैलियों में दिखता था. पूर्व CM भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक विरोधी टीएस सिंह देव पर निशाना साधते हुए साय ने कहा कि पूरे कार्यकाल में ढाई साल के फॉर्मूले पर खींचतान चलती रही, जिसका असर आम लोगों पर पड़ा

मुझे गर्व है कि हमारी सरकार ने कांग्रेस राज में फैले भ्रष्टाचार की गंदगी को साफ किया है. पहले कहा जाता था कि भ्रष्टाचार के मामलों में छोटी मछलियां पकड़ी जाती थीं और मगरमच्छों को छोड़ दिया जाता था, लेकिन अब राज्य को लूटने वाले मगरमच्छ सलाखों के पीछे हैं. जो बचे हैं वे भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे. कांग्रेस राज में भ्रष्टाचार में शामिल लोग अब सलाखों के पीछे हैं, और आगे और भी कार्रवाई होगी-विष्णुदेव साय, सीएम, छत्तीसगढ़

कवासी लखमा ने नक्सल ऑपरेशन को लेकर पूछे सवाल

इससे पहले, कांग्रेस के सीनियर MLA और पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ असरदार कार्रवाई के लिए केंद्र और राज्य सरकारें तारीफ की हकदार हैं.उन्होंने आगे कहा कि जंगलों, अबूझमाड़ और बैलाडीला की सुरक्षा को लेकर चिंतित आदिवासियों में एक नया डर पैदा हो गया है.आदिवासियों के लिए जंगल सिर्फ़ ज़मीन नहीं बल्कि आस्था और रोज़ी-रोटी का मामला है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसान बहुत मुश्किल में हैं और दावा किया कि उन्हें अपना धान बेचने में मुश्किल हो रही है.राज्य में क्राइम, रेप और फायरिंग की बढ़ती घटनाओं का ज़िक्र करते हुए लखमा ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ कानून-व्यवस्था के मामले में दूसरे राज्यों से पीछे है. 


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