दुर्ग। जिले में महाशिवरात्रि पर मेला लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में मुस्लमानों ने भी दुकानें लगाई। बजरंग दल ने धर्म पूछकर उनसे गाली-गलौज की, फिर उनकी दुकानें बंद करवा दी। बजरंग दल ने मुस्लिम व्यापारियों पर पहचान छिपाकर व्यापार करने का आरोप लगाया। यह विवाद एक गुपचुप चाट वाले से शुरू हुआ। एक मुस्लिम गुपचुप वाले के ठेले में अजीत चाट भंडार और जय-माता दी लिखा था। लेकिन जब ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन किया तो उसका नाम भाईजान चाट वाला आया। बजरंग दल ने थूक और मूत्र जिहाद का आरोप लगाते हुए दुकानदारों को हटवा दिया।
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कहा कि, ये हिंदुओं के साथ धोखा है। इनके खून में ही धोखा है। तुम्हारी गलती है कि तुम मुसलमान हो। मुस्लिम दुकानदारों से कहा कि, अगर अच्छे मुसलमान हो तो गरियाबंद के मामले में कोई भी विरोध करने क्यों नहीं आया ? दरअसल, देव बलौदा चरोदा में 13वीं शताब्दी में बने शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर 15 और 16 फरवरी को मेला लगाया गया था। सोमवार को बजरंग दल के पदाधिकारियों ने पूरे मेले में सभी दुकानदारों के नाम पूछे और मुस्लिम दुकानदारों से दुकान बंद कर यहां से जाने के लिए कहा। इस दौरान कई दुकानदारों के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की के भी वीडियो सामने आए हैं।