Khabar Chhattisgarh

"पिछले साल से कम धान खरीदो, वरना निपटा दूंगा": अफसरशाही का 'तुगलकी फरमान', भड़कीं विधायक, उग्र आंदोलन की चेतावनी!

"पिछले साल से कम धान खरीदो, वरना निपटा दूंगा": सारंगढ़ में अफसरशाही का 'तुगलकी फरमान', भड़कीं विधायक उत्तरी जांगड़े ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी!

​सारंगढ़/बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार जहाँ "किसानों का एक-एक दाना धान" खरीदने का दम भर रही है, वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रशासन की पोल खोलता एक मामला सामने आया है। यहाँ नियम-कायदों को ताक पर रखकर 'दादागिरी' का खेल चल रहा है। जिले के सहायक आयुक्त (सहकारिता) व्यास नारायण साहू (DR) पर आरोप है कि वे प्रबंधकों को धमका रहे हैं कि किसानों का टोकन काटा तो 'नौकरी खा जाऊंगा'।

​अधिकारी का 'वायरल' फरमान: "निपटा दूंगा..." मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की बात सामने आई। आरोपों के मुताबिक, 19 जनवरी को ली गई मीटिंग में DR व्यास नारायण साहू ने सभी प्रबंधकों को खुलेआम धमकी दी। उनका आदेश साफ़ था - "पिछले साल से कम धान खरीदी होनी चाहिए। अगर खरीदी का आंकड़ा कम नहीं हुआ, तो तुम सबको निपटा दूंगा, तुम्हारा पद खा जाऊंगा।"
एक तरफ किसान अपनी उपज बेचने के लिए सोसाइटियों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं जिम्मेदार कुर्सी पर बैठे अधिकारी का यह रवैया शासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

​विधायक उत्तरी जांगड़े के तीखे तेवर: "ये DR होता कौन है?" - वायरल वीडियो और किसानों की बदहाली पर सारंगढ़ विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने अधिकारी की कार्यशैली को तानाशाही करार देते हुए सीधा हमला बोला है।

​विधायक ने कड़े शब्दों में कहा : ​"ये व्यास नारायण साहू (DR) होता कौन है किसानों का धान रोकने वाला? यह तो अधिकारी है, इसे नियम से काम करना चाहिए। यह भाजपा की सरकार जब से आई है, किसान त्रस्त है। हमारे (कांग्रेस) 5 साल के शासन में किसान कभी ऐसे नहीं भटका। आज छोटे किसान, जिनका 100-150 क्विंटल धान है, वो धूप में भूखे-प्यासे बैठे हैं। उन्हें आज-कल बोलकर घुमाया जा रहा है, लेकिन टोकन नहीं काटा जा रहा।"

​"भाजपा राज में पटवारी कर रहे परेशान" : विधायक ने आरोप लगाया कि सोसाइटियों में भाजपा के लोग बैठकर निर्देश दे रहे हैं कि "ऊपर का आदेश है, टोकन मत काटो।" पटवारियों द्वारा घर-घर जाकर निरीक्षण के नाम पर किसानों को डराया जा रहा है। अगर कोठार में धान नहीं है और दूसरे कमरे में है, तो उसे रिजेक्ट किया जा रहा है। यह किसानों का मानसिक शोषण है।

​अल्टीमेटम : सुधर जाओ, वरना होगा बड़ा 'हल्ला बोल' विधायक उत्तरी जांगड़े ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उक्त अधिकारी (DR) पर तत्काल कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए और किसानों का टोकन बिना शर्त कटना चाहिए।

​"अगर एक-दो दिन के भीतर किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ और टोकन नहीं कटे, तो हम सारंगढ़ में एक बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"

​सवाल जिन्दा है : क्या सरकार के "21 क्विंटल धान खरीदी" के वादे की हवा निकालने का काम उनके ही अधिकारी कर रहे हैं? आखिर किसानों को धमकाने वाले ऐसे अफसर पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

Post a Comment

Previous Post Next Post
 Khabar Chhattisgarh
 Khabar Chhattisgarh
 Khabar Chhattisgarh