खरसिया। दिवाली का पर्व है और शहर में पटाखों की बिक्री जोरों पर चल रही है, लेकिन सुरक्षा इंतज़ाम पूरी तरह नदारद हैं। खरसिया के मुख्य बाजार क्षेत्र में बने कई पटाखा दुकानों में न तो आग बुझाने का यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) है और न ही दुकानदार सुरक्षा नियमों का पालन करते दिखे, तिरपाल और कपड़े के टेंट के सहारे फ़टाका बाजार संचालित किया जा रहा है ।
इसी बीच, पटाखा बाजार से कुछ ही मीटर की दूरी पर चाट वाले अपनी दुकान में आग जलाकर चाट बेचते नजर आए, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। अगर जरा सी चिंगारी उड़ी तो पूरा इलाका आग की लपटों में घिर सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि न तो किसी दुकान पर सुरक्षा चेतावनी बोर्ड लगे हैं, न प्रशासन की कोई सक्रिय निगरानी दिखी है। कई दुकानों पर पटाखे खुले में रखे हुए हैं और कई व्यापारी मनमाने दामों पर बिक्री कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की मांग:
प्रशासन तुरंत पटाखा बाजार का निरीक्षण करे।
हर दुकान पर फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य किया जाए।
पास के खाद्य स्टालों (चाट, समोसा आदि) को सुरक्षित दूरी पर हटाया जाए।
नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई हो।
लापरवाही बरकरार रही तो खरसिया का पटाखा बाजार किसी भी समय बारूद के ढेर से लाशों की ढेर में बदल सकता है। प्रशासन से अब तुरंत कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।