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छत्तीसगढ़: एसीबी और ईओडब्ल्यू की रायपुर, दुर्ग- भिलाई, राजनांदगांव समेत कई जगहों पर छापेमारी

रायपुर, दुर्ग- भिलाई, धमतरी, राजनांदगांव समेत कई जिलों में छापे मारे हैं। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने इस घोटाले से जुड़े संबंधित ठेकेदारों और सप्लायरों के बारह से ज्यादा ठिकानों पर दबिश दी है।
छत्तीसगढ़ में डीएमएफ घोटाले को लेकर आज बुधवार की सुबह एसीबी-ईओडब्ल्यू ने छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर छापेमारी की है। रायपुर, दुर्ग- भिलाई, धमतरी, राजनांदगांव समेत कई जिलों में छापे मारे हैं। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने इस घोटाले से जुड़े संबंधित ठेकेदारों और सप्लायरों के बारह से ज्यादा ठिकानों पर दबिश दी है। सुबह-सुबह की गई इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ के व्यापारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारियों की टीम ने रायपुर में पांच ठिकानों पर दबिश दी है। राजनांदगांव में चार, दुर्ग भिलाई में दो जगह, धमतरी जिले कुरूद में एक कारोबारी के घर पर छापा पड़ा है। फिलहाल, एसीबी की टीम कागजों की जांच पड़ताल कर रही है। इन ठिकानों पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, ईओडब्ल्यू ने राजधानी रायपुर के वॉलफोर्ड एनक्लेव सोसायटी में रेड मारी है। राजनांदगांव में बुधवार की सुबह-सुबह एक साथ तीन स्थानों पर दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की गई। यहां के भारत माता चौक स्थित राधा कृष्ण एजेंसी के संचालक अग्रवाल परिवार के निवास, सत्यम विहार में यश नहाटा के घर और कामठी लाइन स्थित ललित भंसाली के यहां छापेमारी की गई है।

बताया जाता है कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे ईओडब्लू की टीम लगभग 10 वाहनों के साथ यहां पहुंची। व्यापारियों के ठिकाने पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच पड़ताल की जा रही है। ईओडब्लू की ये कार्रवाई उत्खनन से जुड़े कारोबारियों, बड़े सप्लायर और ब्रोकर से संबंधित बताई जा रही है। टीम संबंधित कारोबारियों के वित्तीय लेन-देन और ठेकों की जानकारी ले रही है। 

जाने कौन हैं इन घोटालों के आरोपी
इस कार्रवाई के पहले भी डीएमएफ घोटाले में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें निलंबित आईएएस रानू साहू, आदिवासी विभाग की सहायक आयुक्त रह चुकी माया वारियर, व्यापारी सूर्यकांत तिवारी, पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उपसचिव रह चुकीं सौम्या चौरसिया, कोरबा डीएमएफ की तत्कालीन नोडल अधिकारी भरोसाराम ठाकुर, राधेश्याम मिर्झा, वीरेंद्र कुमार राठौर, तत्कालीन जनपद सीईओ भुनेश्वर सिंह राज को गिरफ्तार किया था। वहीं, संजय शेंडे, ऋषभ सोनी और राकेश कुमार शुक्ला की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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