रायपुर। महिला खिलाड़ियों के लिए महिला कोच की आवश्यकता को नकारते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि महिला के साथ महिला कोच होने की गारंटी आप नहीं दे सकते. सिर्फ महिला कोच का ऑप्शन नहीं है, क्योंकि बेस्ट कोच पुरुष ही हैं.
राजधानी पहुँचे भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने चर्चा में महिला खिलाड़ियों के लिए महिला कोच की आवश्यकता के पत्रकारों के सवाल को ही गलत बताते हुए कहा कि इस बात की गारंटी नहीं दे सकते. हां, पांच में से दो कोच महिलाएं होना अनिवार्य है. हर गेम में महिला कोच भी अनिवार्य है, लेकिन आज भी बेस्ट कोच पुरुष ही है.
उन्होंने कहा कि एक तरफ बराबरी के दर्जे की बात चल रही है और दूसरी ओर इस तरह की बात हो रही है. पुरुष वर्ग को उठाकर फेंकने की आप बात कर रहे हैं. ऐसा है तो फिर घर में भी कमरा अलग कर दिया जाए. पुरुषों को अलग ही रख देना चाहिए. वहीं क्रिकेट की तरह रेसलिंग में भी महिलाओं की अलग बॉडी बनाने को लेकर कहा कि वर्ल्ड बॉडी ही ये कर सकती है. खेल इंडिपेंडेंट बॉडी है, इसकी इंटरनेशनल बॉडी जो लागू करेगी वहीं मान्य होगा.