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रायगढ़ की कला और संस्कृति को नई ऊंचाई मिली: राज्यपाल

 

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चक्रधर समारोह के आयोजन से देश की कला और संस्कृति को नई ऊंचाई मिली है। हम सब मिलकर इस आयोजन को और समृद्ध करेंगे। रायगढ़ को विकसित जिला बनाना है, यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां कंपनियां बहुत हैं। विकास करेंगे, लेकिन पर्यावरण को बचाकर विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने पीएम के आग्रह पर एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधे लगाने की अपील भी लोगों से की।

राज्यपाल सोमवार की रात 39वें चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने वंदे भारत ट्रेन के शुभारंभ का जिक्र करते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ किया। यह ट्रेन आंध्रा से छग को जोड़ेगी। इस ट्रेन से प्रदेश के लोगों को शिक्षा व मेडिकल आदि के लिए सुविधा मिलेगी। राज्यपाल डेका ने कहा कि असम का बीहू नृत्य छग की संस्कृति व दर्शन का मेलजोल है। उन्होंने असम के कवि शंकर देव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संस्कृत, पाली और असमिया भाषा में रचना की है। राज्यपाल डेका ने कहा कि उपासना पद्धति अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सबको सुप्रीम पावर का डर रहता है।

कार्यक्रम को लोक सभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्य सभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। प्रदेश के वित्त मंत्री व स्थानीय विधायक ओपी चौधरी ने कहा कि इस वर्ष के आयोजन ने चक्रधर समारोह के गौरव के अनुरूप नई पहचान दी है। उन्होंने कहा राजा चक्रधर ने शास्त्रीय नृत्य को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कथक पर ताय तोय निधि नाम की किताब लिखी है। उन्होंने बताया कि 10 िदनों में इस कार्यक्रम में 8 पद्मश्री कलाकारों ने प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास पत्र में चक्रधर समारोह का जिक्र था। उसी के अनुरूप आयोजन किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि दशकों से मांग थी कि यहां कला व संगीत महाविद्यालय खोले जाएं। इस आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री िवष्णुदेव साय ने यहां यह महाविद्यालय खोलने की घोषणा की है। अगली बार बजट में इसे शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने नालंदा परिसर का जिक्र करते हुए कहा कि यहां नालंदा परिसर पूरी तरह सीएसआर से बनेगा।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि उन्हें राजा चक्रधर सिंह के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। निमंत्रण मिला तो उनके बारे में अध्ययन किया तो पता चला कि वे संगीत के बहुत बड़े कलाकार थे, उनके संगीत व कुश्ती के प्रति समर्पण के बारे में जानकारी हुई। इसी दौरान उन्होंने असम के प्रसिद्ध कवि डॉ. भूपेन हजारिका का भी जिक्र किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल रमेन डेका, मंत्री ओपी चौधरी व अन्य , अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे


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