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छत्तीसगढ़ में बनेगा आदिवासी क्रांतिकारियों का म्यूजियम:आर्ट वर्क के जरिए दिखाई जाएगी फ्रीडम फाइटर्स की कहानी

छत्तीसगढ़ में आदिवासी क्रांतिकारियों का म्यूजियम तैयार किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग गैलरी में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा तैयार की जाएगी। यहां आदिवासी क्रांतिकारियों के विद्रोहों को आर्ट वर्क और स्कल्पचर के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा।
बिल्डिंग के बाहरी हिस्से में भी फ्रीडम फाइटर्स की कहानी प्रदर्शित की जाएगी। आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के लिए तैयार किया जा रहा यह म्यूजियम प्रदेश का पहला ऐसा म्यूजियम होगा।

शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर होगा संग्रहालय

इस म्यूजियम का नाम होगा शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय। इसके काम की स्थिति देखने प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा पहुंचे। उन्हाेंने म्यूजियम के काम को 31 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश अफसरों को दिए हैं।

नवा रायपुर में बन रहा म्यूजियम

नवा रायपुर में यह संग्रहालय का पुरखौती मुक्तांगन और आदिवासी अनुसंधान केंद्र के पास बन रहा है। यहां प्रदेश के अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की गैलरी भी होगी।

45 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा

आज आदिम जाति-अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने मौके पर निरीक्षण करके इंजीनियर्स से भी बात की। उन्होंने संग्रहालय कैंपस में बन रही सभी 15 गैलरियों को देखा। शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय पुरखौती मुक्तांगन के पास 45 करोड़ की लागत से लगभग 10 एकड़ में बनाया जा रहा है।

आदिवासी परंपरा से भी होंगे रूबरू

सोनमणि बोरा ने बताया कि यह संग्रहालय न केवल छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्वतंत्रता काल में दिए गए बलिदान को याद कराएगा बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली आदिवासी परंपरा से भी आमजन को रूबरू कराएगा। बोरा ने इसके बाद अधिकारियों की बैठक कर संग्रहालय को लेकर कहा कि काम में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

क्या-क्या होगा म्यूजियम में

यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियां लगेंगी। यहां रिसेप्शन, सोविनियर शॉप, फूडकोर्ट, मल्टीमीडिया रूम और शौचालय की व्यवस्था होगी। पार्किंग स्थल, सोलर सिस्टम, मुख्य प्रवेश द्वार पर सुदंर आर्ट वर्क, शहीद वीर नारायण सिंह की फाइबर प्रतिमा, स्मारक, एक छोटी झील, लैंडस्केप तैयार किया जा रहा है।

संग्रहालय की मॉनिटरिंग करेंगे IAS

प्रमुख सचिव बोरा ने विभागीय अधिकारियों को संग्रहालय की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। अब आदिम जाति अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान के संचालक पी. एस. एल्मा हर दिन संग्रहालय के काम की समीक्षा करेंगे। आयुक्त आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग नरेन्द्र कुमार दुग्गा हर तीसरे दिन मौके पर जाकर निर्माण कार्य की समीक्षा करेंगे।


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