ओडिशा के संबलपुर के हीराकुंड बांध के 20 गेट खोले गए हैं। पिछले कुछ सालों में अगस्त से सितंबर के बीच महानदी में बाढ़ आती रही है। पहले अविभाजित रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के चार ब्लाक बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित रहते हैं।
पिछले कुछ सालों में ऐसा पहली बार देखने को मिला है, जब हीराकुद ने बाढ़ की स्थिति बनने से थोड़ा पहले ही डैम के गेट खोलकर बाढ़ को फिलहाल टाल दिया है। हीराकुद डैम में जलभराव के लिहाज से खतरे का निशान 192.02 मीटर है और 29 जुलाई की सुबह स्तर 188.06 मीटर तक पहुंच गया था। रविवार को स्तर 188.04 तक पहुंचने के बाद शासन स्तर से ओडिशा सरकार और संबलपुर प्रशासन से चर्चा कर गेट खुलवाए गए। फिलहाल रायगढ़ के पुसौर, सारंगढ़ के बरमकेला, सारंगढ़ ब्लाक में राहत रहेगी। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने बताया कि न केवल महानदी बल्कि इससे मिलने वाली मांड, केलो के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। हीराकुद डैम में भराव पर अपडेट ले रहे हैं ताकि बाढ़ जैसे हालात ही न बनें।
हीराकुद डैम के निचले जिलों में अलर्ट: हीराकुद डैम का गेट खोलने जाने के बाद ओडिशा के संबलपुर, सोनपुर, नयागढ़, कटक, जगतसिंहपुर समेत अन्य जिलों में लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। ताकि अचानक जलस्तर बढ़ने से लोगों की जानमाल की क्षति न हो। जानकारी के मुताबिक हीराकुद में महानदी के साथ ही ईब नदी का पानी आकर मिलता है। पिछले कुछ सालों मे बाढ़ से तबाही के बाद नावों से घूमते अफसर और जनप्रतिनिधि, राहत शिविरों में बेहाल ग्रामीणों का चेहरा दिखता रहा है। बाढ़ के बाद जलसंसाधन विभाग के साथ ही राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग बाढ़ के बाद हीराकुद डैम के गेट खुलवाने के लिए गुहार लगाते थे। महानदी और आसपास की नदी का जल स्तर, गंगरेल डैम का हाल देखकर पहले एहतियात नहीं बरतते थे।
इस बार बाढ़ के कारणों को समझा गया। नदियों में पिछले हफ्तेभर के जलस्तर और हीराकुद डैम में भराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को स्थिति से अवगत कराया। शासन के हस्तक्षेप पर हीराकुद डैम के गेट खुलवाए गए। डैम/नदी खतरे का निशान भराव {केलो 206.5 201.60 {मांड 227.50 226.0 {चंद्रपुर महानदी ब्रिज 200.56 197.8 {कलमा बराज 198.5 196.55 {हीराकुद डेम 192.02 188.06 मीटर (जलसंसाधन विभाग से मिले सोमवार सुबह तक के आंकड़े)
गेट खोलकर तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने बताया, संबलपुर हीराकुद डैम में 20 गेट खोल दिए गए हैं और इससे तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हीराकुद डैम में कुल 64 क्रेस्ट गेट और 34 सिल गेट मिलाकर कुल 98 गेट हैं। इसमें सोमवार सुबह तक 20 गेट खोले गए हैं। महानदी में जलभराव की स्थिति को देखते हुए शासन को इससे अवगत कराया गया था।
