Khabar Chhattisgarh

जवानों ने तोड़ी नक्‍सलियों की कमर, छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान में चार महीने के भीतर मारे गए 97 नक्सली

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार आने के बाद छत्तीसगढ़ में जवानों का हौसला बढ़ गया है। नक्सल प्रभावित बस्तर में सुरक्षा बलों का जोश उच्च स्तर पर है और वह लगातार नक्सलियों को मार गिरा रहे हैं।



मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार आने के बाद छत्तीसगढ़ में जवानों का हौसला बढ़ गया है। नक्सल प्रभावित बस्तर में सुरक्षा बलों का जोश उच्च स्तर पर है और वह लगातार नक्सलियों को मार गिरा रहे हैं। मंगलवार को हुई मुठभेड़ में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाके के अबूझमाड़, टेकमेटा और काकुर के जंगलों में जवानों ने एक बार फिर एक साथ 10 नक्सलियों को मार गिराया।

बताते हैं कि अभी आंकड़े बढ़ सकते हैं। पखवाड़ेभर के भीतर सुरक्षाबलों का नक्सलियों पर यह दूसरी बड़ी स्ट्राइक है। इसके पहले 16 अप्रैल को जवानों ने माओवादियों के मांद में घुसकर कांकेर जिले के छोटेबेठिया जंगल में 29 नक्सलियों को मार गिराया था। इसके पहले 27 मार्च को बीजापुर के बासागुड़ा पुलिस थाना क्षेत्र से लगे चिकुरभट्टी और पुसबका गांव के जंगल में हुई मुठभेड़ में भी छह नक्सली मारे गए थे।

मुठभेड़ में लगातार मारे जा रहे हैं शार्प शूटर

अधिकारियों के मुताबिक नक्सली संगठन के लड़ाके और शार्प शूटर मुठभेड़ में लगातार मारे जा रहे हैं। अब नक्सली संगठन को लड़ाकू और शार्प शूटर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। चार महीने की विष्णुदेव सरकार में अब तक 97 नक्सलियों को जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए मार गिराया।
बताते हैं कि सुरक्षित ठिकानों से निकलकर नक्सलियों के कुछ बड़े नेता पलायन करने के लिए भी मजबूर हो गए हैं। तीन वर्ष के भीतर नक्सलियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिस रोडमैप को हरी झंडी दी है , इन घटनाओं को उसी के असर से जोड़ा जा रहा है।\Bक्या है अमित शाह का रोडमैप?
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री शाह का रोड है कि नक्सलियों के आर्थिक स्त्रोतों की पूरी तरह नाकेबंदी करके उन्हें मिलने वाले फंड को रोका जाए। इसका असर भी शुरू हो गया है। साथ ही नक्सलियों को मिलने वाले हथियारों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के नेटवर्क को मजबूत करने को समन्वय बढ़ा दिया गया, इसकी बदौलत बड़े नक्सली कमांडरों के मूवमेंट की सटीक जानकारी मिली शुरू हो गई है। राज्य और जिला स्तर के सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बनाया जा रहा है। नक्सलवाद से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की पुलिस एक साथ काम कर रही है।

कुर्सी संभालते ही साय ने दी थी नक्सलियों को चेतावनी

आदिवासी नेता व मुख्यमंत्री सायने कुर्सी संभालने के बाद ही हिदायत दी थी कि वनांचलों में रहने वाले आदिवासियों पर सरकार की हर सुविधा पहुंचाने के लिए सरकार कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने सरकार में आते ही कहा था कि उनकी सरकार नक्सलियों से वार्ता करने को तैयार है। यदि शांति से मुख्य धारा में जुड़ना चाहते हैं, तो हमने विकल्प खुला रखा है, यदि वह गोली बंदूक से बात करेंगे, तो हम सभी तरह से जवाब देने के लिए तैयार हैं।
इसके साथ ही प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी बार-बार नक्सलियों को चेताया कि वह वार्ता करें और बंदूक का रास्ता छोड़ें। नक्सलियों की ओर से सार्थक चर्चा नहीं होने के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश के जवानों के हौसले को मजबूती दी और प्रदेश में नक्सलियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक तेज कर दी। राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय के बाद जांबाज जवानों ने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।

Post a Comment

Previous Post Next Post
 Khabar Chhattisgarh
 Khabar Chhattisgarh
 Khabar Chhattisgarh