रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक गलियारों और पत्रकारिता जगत में हलचल मचा दी है। एक स्थानीय पत्रकार के नाम और फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग कर आईजी (IG) कार्यालय में अवैध रेत उत्खनन की गंभीर शिकायत दर्ज कराने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है।
*क्या है पूरा मामला? -*मामले का खुलासा तब हुआ जब रायगढ़ एसपी कार्यालय के शिकायत प्रकोष्ठ के प्रभारी रमेश शर्मा ने पत्रकार ऋषिकेश (मिश्रा जी) को फोन कर उनकी एक शिकायत के संबंध में जानकारी चाही। पुलिस अधिकारी के अनुसार, ऋषिकेश के नाम से 22 दिसंबर 2025 को आईजी सर को एक पत्र भेजा गया था। इस पत्र में घरघोड़ा क्षेत्र के बोकरामुड़ा में भारी मशीनरी के जरिए हो रहे अवैध रेत उत्खनन, चोरी और इसमें कथित राजनीतिक व पुलिस संरक्षण का जिक्र करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी।
*पत्रकार ने जताई अनभिज्ञता, कहा- "मेरे साइन नहीं हैं" :*हैरानी की बात यह है कि पत्रकार ऋषिकेश ने ऐसी किसी भी लिखित शिकायत से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस अधिकारी से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अखबार में खबरें तो प्रकाशित की हैं, लेकिन आईजी को कोई औपचारिक आवेदन नहीं दिया।
दूसरे ऑडियो में ऋषिकेश ने अपने एक साथी से चर्चा करते हुए दावा किया कि "आईजी रेंज के उस लेटर पर मेरे साइन नहीं हैं। मैं बैंक से लेकर कहीं भी केवल एक ही तरह का सिग्नेचर करता हूँ।" उन्होंने इसे अपने नाम का दुरुपयोग बताते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
"RTI से निकालूँगा कुंडली, किसी को नहीं छोड़ूँगा" -पत्रकार ऋषिकेश ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरटीआई (RTI) का सहारा लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वे उस शिकायत पत्र की प्रमाणित प्रति निकलवाएंगे ताकि फर्जी हस्ताक्षर करने वाले का चेहरा सामने आ सके। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अगर किसी ने गलत तरीके से मेरा नाम डालकर साइन किया है, तो उसकी ऐसी-तैसी मैं करूँगा... बस प्रशासन की कॉपी मिल जाए।"
प्रशासनिक पेंच : बोकरामुड़ा कहाँ है? - बातचीत के दौरान एक तकनीकी पेंच भी सामने आया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बोकरामुड़ा नाम का गांव घरघोड़ा क्षेत्र में नहीं आता, बल्कि यह कोतरा रोड थाने के पास है। इस पर पत्रकार ने तर्क दिया कि वे केवल घरघोड़ा, लैलूंगा और तमनार क्षेत्र में पत्रकारिता करते हैं, इसलिए कोतरा रोड क्षेत्र की शिकायत उनके द्वारा किया जाना संभव नहीं लगता।
सत्ता और संगठन की चर्चा : ऑडियो में पत्रकार और उनके साथी के बीच हुई बातचीत में कुछ रसूखदार नामों और 'ब्राह्मण समाज' की गरिमा का भी जिक्र आया है। पत्रकार का कहना है कि वे नियम से काम कर रहे हैं और भले ही शासन-प्रशासन उनसे चिढ़ा हो, लेकिन वे गलत नहीं कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सही है वो सही है, चाहे सामने मुख्यमंत्री हो या प्रधानमंत्री।
मुख्य बिंदु :
* तारीख: 22 दिसंबर 2025 को आईजी को भेजी गई शिकायत।
* मुद्दा : बोकरामुड़ा में भारी मशीनों से अवैध रेत उत्खनन और पुलिस-नेताओं की मिलीभगत।
* विवाद : पत्रकार का दावा कि हस्ताक्षर फर्जी हैं और नाम का गलत इस्तेमाल हुआ है।
* अगला कदम : आरटीआई के माध्यम से दस्तावेज निकालकर कानूनी कार्रवाई की तैयारी।
अब देखना यह होगा कि पुलिस इस 'फर्जी' शिकायतकर्ता तक कब तक पहुँच पाती है और इस साजिश के पीछे किसका हाथ है।