मिशन कर्मयोगी के तहत केंद्र सरकार द्वारा संचालित iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर अब राज्य शासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी अमले की कार्यक्षमता और कौशल को बेहतर बनाना है।
मिशन कर्मयोगी के तहत केंद्र सरकार द्वारा संचालित iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर अब राज्य शासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी अमले की कार्यक्षमता और कौशल को बेहतर बनाना है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय की ओर से सभी विभागीय सचिवों को पत्र जारी किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि छत्तीसगढ़ मंत्रालय स्तर पर कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने पद के अनुसार तय प्रशिक्षण कोर्स करना होगा। कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध 10 निर्धारित कोर्स में से कम से कम 3 कोर्स हर अधिकारी-कर्मचारी को अनिवार्य रूप से पूरे करने होंगे।
पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके यहां पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी समय पर इन अनिवार्य कोर्स को पूरा करें। साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उसकी जानकारी iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर अपडेट की जाए, ताकि रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज हो सके।
राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता आएगी। आने वाले समय में मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।