VIP बेटा, टूटी बाइक और ज़िंदगी से जूझता युवक!
छत्तीसगढ़ । रायपुर । विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सत्ता और सिस्टम पर सवाल खड़े करने वाली बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व केंद्रीय व राज्य मंत्री वर्तमान भाजपा विधायक रेणुका सिंह के बेटे लक्की सिंह को आखिरकार पुलिस ने हिट एंड रन मामले में गिरफ्तार कर लिया है। सवाल यह नहीं कि गिरफ्तारी हुई—सवाल यह है कि दो दिन की देरी क्यों हुई?
घटना अग्रसेन धाम चौक के पास हुई, जहां तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार युवक को बेरहमी से कुचल दिया और आरोपी मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद सड़क पर तड़पता रहा युवक, जबकि वाहन चालक ने रुकना तक जरूरी नहीं समझा। घायल युवक की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
जन्मदिन पर बेटे ने दिया तोहफा…
दो दिन पहले पूर्व केंद्रीय व राज्य मंत्री वर्तमान भाजपा विधायक रेणुका सिंह जन्मदिन था और बलवंत सिंह उर्फ लक्की सिंह बेटे ने नायाब तरीके से अपनी माँ को तोहफा दिया खून से लथपथ बाइक सवार युवक चौतीस वर्षीय त्रिभुवन ठाकुर आज भी जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा है।
CCTV में कैद हादसा, फिर भी कार्रवाई में देरी
तेलीबांधा थाना क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों में पूरा घटनाक्रम कैद हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी पुलिस के पास थे, फिर भी आरोपी तक पहुंचने में दो दिन लग गए। क्या वजह सिर्फ इतनी थी कि आरोपी एक विधायक का बेटा है?
कानून सबके लिए समान या VIP के लिए अलग?
पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्य और फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। लेकिन आम लोगों का सवाल है—
अगर आरोपी किसी आम परिवार से होता, तो क्या इतनी मोहलत मिलती?
क्या सत्ता की परछाईं कानून की रफ्तार को धीमा कर देती है?
पीड़ित ज़िंदगी और सिस्टम की बेरुखी
जिस युवक को टक्कर मारी गई, वह अस्पताल में ज़िंदगी और मौत से जूझ रहा है। परिजन इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि “नाम बड़ा हो या छोटा, सज़ा एक जैसी होनी चाहिए।”
राजनीति गरम, पुलिस कटघरे में
मामले में विधायक पुत्र की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने VIP कल्चर और कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला बोला है। पुलिस प्रशासन निष्पक्षता का दावा कर रहा है, लेकिन सवाल सड़क पर पड़े हैं—जिनका जवाब अभी बाकी है।
सवाल अब भी ज़िंदा हैं
आरोपी हादसे के बाद फरार कैसे हुआ?
गिरफ्तारी में दो दिन क्यों लगे?
क्या दबाव में देर हुई या प्रक्रिया का बहाना है?
तेलीबांधा थाना पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और वाहन जब्त कर लिया गया है। लेकिन राजधानी की सड़कों पर आज भी एक ही सवाल गूंज रहा है—
क्या कानून वाकई सबके लिए बराबर है, या VIP के लिए अलग रास्ता है?
हिट एंड रन का मामला क्या है?
धारा 115(2) – BNS खतरनाक तरीके से गंभीर चोट पहुंचाना (Grievous Hurt)
क्या कहती है धारा:
यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर या लापरवाही से ऐसे साधन/तरीके से किसी को गंभीर चोट पहुंचाता है, जो जीवन के लिए खतरनाक हो (जैसे तेज रफ्तार वाहन), तो यह अपराध इस धारा में आता है।
हिट एंड रन में उपयोग क्यों:
तेज रफ्तार वाहन = खतरनाक साधन पीड़ित की हालत नाजुक = गंभीर चोट इसलिए यह साधारण दुर्घटना नहीं, गंभीर आपराधिक कृत्य माना जाता है – सजा: 10 साल तक की कैद + जुर्माना (या दोनों)
फिलहाल पुलिस ने केस को अपने आधिकारिक वेबसाइट पर सेंसेटिव में डाला हुआ है।
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