महाकुंभ में मची भगदड़ में करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। 70 से ज्यादा लोग घायल हैं। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। प्रयागराज में भीड़ और न बढ़े इसलिए उत्तर प्रदेश-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है।
बुधवार शाम से ही करीब 12 घंटे तक ट्रकों और भारी वाहनों को बसंतपुर से धनवार के बीच रोक दिया गया था, जिससे 15 किलोमीटर लंबा जाम लग रहा। हालांकि यातायात बहाल हो गई है। लेकिन कुंभ के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। सबसे ज्यादा प्रभाव बलरामपुर जिले के धनवार बॉर्डर पर देखने को मिला। बता दें कि सीमावर्ती राज्यों की सीमाओं पर 31 जनवरी रात 12 बजे तक वाहनों की एंट्री पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है।
सूरजपुर के चंदोरा से वापस की गई गाड़ियां
बुधवार शाम को सरगुजा आईजी ने कुंभ श्रद्धालुओं की गाड़ियों को रोकने का आदेश जारी किया। श्रद्धालुओं की गाड़ियों को सूरजपुर जिले के चंदौरा से वापस किया गया। सरगुजा पुलिस ने भारी वाहनों को चंदौरा में ही रोकना शुरू कर दिया था।
स्थानीय यात्री बसों और चार पहिया वाहनों को इससे छूट दी गई। कुंभ यात्रियों के वाहनों को रोका गया। धनवार से लेकर बसंतपुर तक जाम की स्थिति बनने के कारण यूपी के रेनुकूट तक चलने वाली गाड़ियों को परिवर्तित मार्ग से रघुनाथपुर होकर भेजा गया।