Raigarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अचानक जमीन का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। जिसके बाद झाडू लगा रही महिला उसमें समाने लगी। इस हादसे को देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
Chhattisgarh News: सारंगढ़ रोड पर स्थित बरमकेला के वार्ड क्रमांक 15 के एक मकान सामने आंगन की जमीन एकाएक धंस गई। जिसमें वहां समीप में झाडू लगा रही महिला उसमें समाने लगी। हांलाकि महिला की चिख के बाद उसे बचा लिया गया। भूस्खलन जैसे घटना से लोगों में हैरानी और चिंता होने लगी है। क्योंकि आस-पास में न कोई नाली है और न सेप्टिक टैँक है।
सारंगढ़ रोड पर स्थित नगर पंचायत बरमकेला के वार्ड क्रमांक 15 निवासी कमला बाई उम्र 40 वर्ष अपनी मां पीलीबाई के साथ खुद के मकान में रहती है। रविवार सुबह 5.30 बजे सो कर उठने के बाद घर आंगन की सफाई के लिए झाडू लगा रही थी। उसी दौरान आंगन की जमीन धंसने पर महिला उसमें समाने लगी तो वह बचाव के लिए चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर कौशल सिदार, राजू यादव व अन्य मोहल्लेवासी पहुंचे। धंस रही जमीन पर फंसी महिला को सीढ़ी लगाकर काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। इस अप्रत्याशित घटना के बाद लोगों की भीड़ लग गई और नगर पंचायत के पदाधिकारियों को सूचना दी गई।
बढ़ता गया गड्ढे का आकार
पड़ोस में रहने वाली बहन सुमन सिदार ने बताया कि उसकी बहन व मां पिछले 15 -20 वर्ष से इसी मकान में रह रहे है। जिस जगह की जमीन धंसी है उससे सेप्टिक टैंक की दूरी करीब 20 फीट है। मकान भी टिकरा जमीन पर बना है। पता नहीं कैसे जमीन धंस गई। लगातार धंसे हुए गड्ढे का आकार बढ़ने की बात कही जा रही है और पानी आ जाने से दलदली का रुप ले लिया है। वही आसपास में न तो बोरपंप है और न कोई नाली। इस तरह की अजीबो-गरीब घटना से सभी लोग सकते में है। महिला की बुजुर्ग मां भी सदमे में है और महिला के बांए पैर में मामूली चोट लगा है।
मकान के सामने आंगन की जमीन धंसने की जानकारी जैसे ही मिली तुरंत जाकर हमने देखा। गढ्डे की गहराई नहीं बढ़ रहा है लेकिन उसका आकार बढ़ रहा है। जांच के लिए राजस्व टीम आई थी और पंचनामा बनाया गया है। उक्त जगह की जमीन की मिट्टी कन्हार नहीं है।
भूस्खलन को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टि से मकान को खाली कराकर महिला व उसकी माता को वहां से हटाकर दूसरे जगह सिप्ट करा दिया गया है। जांच के लिए राजस्व टीम को भेजा गया है।
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