रायगढ़। बहुत जल्द शहर में एक नए रूट पर सिटी बसें दौड़ेंगी। शहर के एक सिरे को दूसरे से जोड़ने के लिए एक ही रूट तय किया गया है। प्राइवेट फर्म की पार्टनरशिप में यह सिटी बस चलाई जाएगी। यह एक मॉडल होगा जिस पर बाद में नए रूट जोड़े जाएंगे। परिवहन विभाग इस पर काम कर रहा है। रायगढ़ शहर के लगातार फैलाव को देखते हुए भविष्य में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बहुत जरूरत पड़ेगी। कम किराए में एक जगह से दूसरे जगह आसानी से लोग आ-जा सकें, इसके लिए काम करना जरूरी है।
अभी शहर के आसपास 10 किमी की परिधि में केवल ऑटोरिक्शा ही सहारा है। इसलिए प्रशासन अब एक नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसे वायबिलिटी गैप फंडिंग नाम दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत किरोड़ीमल नगर से मेडिकल कॉलेज तक 15 किमी का रूट निर्धारित किया गया है। इसमें दो बसें चलाने का प्रस्ताव रखा गया है जो करीब सवा घंटे में पूरी दूरी तय करेंगी। 32 सीटर दो बसों को रोजाना छह-छह ट्रिप लगाने होंगे। सुबह नौ बजे से दोनों छोरों पर एक-एक बसें अपना डेली रुटीन शुरू करेंगी।
प्रति बस करीब 3 लाख रुपए खर्च प्रतिमाह आएगा। जो भी कमाई टिकट से होगी उसी से बस का खर्च मेंटेन किया जाएगा। जो भी एजेंसी इसे चलाएगी उसे प्रतिमाह कमाई हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। साथ ही आम जनता पर भी ज्यादा भार न पड़े, यह देखा जाएगा। एक छोर से दूसरे छोर तक पूरा 15 किमी यात्रा करने पर 30 से 35 रुपए चुकाने होंगे। अभी यह प्रोजेक्ट चर्चा में है। परिवहन विभाग ही इस पर काम कर रहा है। पूर्व में शुरू किया गया सिटी बस प्रोजेक्ट फेल हो गया। एक साथ 40 बसें सरकार ने खरीदी थी जिसमें से करीब छह बसें ही चल रही हैं। ये बसें शहर में नहीं बल्कि आसपास के कस्बाई इलाकों तक चलाई जा रही हैं। लेकिन शहर में कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं है।
सात स्टॉपेज रहेंगे
अभी प्रोजेक्ट की जो भी दिशा तय की गई है, उसके हिसाब से सात स्टॉपेज रह सकते हैं। किरोड़ीमल नगर के बाद जेएसपीएल, ढिमरापुर चौक, केवड़ाबाड़ी चौक, सतीगुड़ी चौक, रेलवे स्टेशन, चक्रधर नगर चौक में भी स्टॉपेज रहेगा। इसके अलावा एक-दो स्टॉपेज बढ़ाए जा सकते हैं। बसें केवल निर्धारित स्टॉप पर ही रुकेंगी। तभी इसे मेंटेन किया जा सकेगा।
