रायगढ़, 21 अगस्त। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ के युवाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर का सपना देखा है। इसे सच करने के लिए प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। निर्माण के लिए एक नई जगह को तय किया गया है। अब शनि मंदिर वाले मरीन ड्राइव में समलाई मंदिर के नीचे खाली जमीन खोजी गई है। यहां से पांच मकानों को हटाने बेदखली का नोटिस दिया गया है।नालंदा परिसर निर्माण का ऐलान पहले किया गया। इसके बाद राजस्व अधिकारी और नगर निगम आयुक्त जमीन खोजते रहे। पहले सर्किट हाउस के पीछे जमीन तय की गई थी। परिसर का निर्माण शहर के अंदर ही करने की मांग उठी।सर्किट हाउस के पीछे जमीन तो पांच एकड़ मिल गई लेकिन कई लोगों ने इसका विरोध किया।
शहर के अंदर जमीन खोजने में सबके पसीने छूट गए। बताया जा रहा है कि नजूल शीट नंबर 57 में करीब 4 एकड़ जमीन खोजी गई है। नालंदा परिसर के लिए इसी जगह को तय किया गया। समलाई मंदिर के नीचे नदी की ओर बड़े नाले के बाजू में जमीन है। हालांकि पूरी जमीन रिक्त नहीं है। इसमें कई लोगों के पक्के मकान बने हुए हैं। चार एकड़ जमीन तभी खाली हो पाएगी जब पांच-छह मकानों को खाली करवाया जाएगा। नया कोष्टापारा के करीब पांच लोगों को बेदखली का नोटिस दिया गया है। इस जमीन पर एक-दो नहीं बल्कि अनगिनत लोगों का कब्जा है। केवल पांच लोगों को ही नोटिस दिया गया है। इतने मकान हटने पर जमीन पर्याप्त हो जाएगी।
जहां आबादी वहां हटा रहे, जहां नए कब्जे वहां मौन
नालंदा परिसर के लिए सूटेबल जमीन कहीं नहीं मिली तो मरीन ड्राइव की इस भूमि को फाइनल किया गया है। यहां कई सालों से नजूल भूमि पर कब्जे हैं जिस पर मकान बनाकर कई परिवार रह रहे हैं। अचानक नोटिस मिलने से सबके पैर तले जमीन खिसक गई है। नजूल भूमि पर अतिक्रमण को समय पर रोका नहीं गया और अब बेदखली का नोटिस दिया गया है। जहां नए कब्जे हो रहे हैं, कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
