छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के तमनार ब्लाॅक के गारे में सड़क की हालत काफी बदहाल है। ऐसे में आज करीब तीन गांव के ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए। सुबह करीब नौ बजे से ग्राीमण गारे स्कूल के सामने इक्ट्ठा होने लगे। इसके बाद यहां सड़क की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए अपना आंदोलन शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में गारे, पाता, सराईटोला व मुड़ा गांव के लोग हैं। यही नहीं जब लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार को इसकी जानकारी लगी, तो वे भी ग्रामीणों के इस आंदोलन में साथ देने पहुंच गई और यहां स्कूली बच्चों के साथ धरना पर बैठ गई। दोपहर बाद तहसीलदार व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाईश देने लगे, पर ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे।
12 किमी का सड़क खराब
ग्रामीणों ने बताया कि तमनार से लेकर मिलूपारा हुंकराडीपा तक करीब 12 किमी की सड़क पूरी तरह से खराब है। सड़क पर इतनी कीचड़ है कि लोगांे को आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार इसके लिए आवेदन दिया जा चुका है, पर लंबे समय से इस सड़क की यही दशा है।
सड़क में गिर रहे बच्चे
इस सड़क को पार करके कई बच्चे स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन स्कूल जाने तक उनके कपड़े से लेकर पैर पूरे कीचड़ से सन जाते हैं, तो बच्चे व राहगीर खराब सड़क के कारण इस पर गिरते भी हैं। बारिश में कीचड़ और अन्य मौसम में धूल से परेशानी बनी हुई है
बीमार मरीज मर जाएगा
आंदोलन में शामिल समाजिक कार्यकर्ता राजेश त्रिपाठी ने बताया कि अगर कोई गर्भवती महिला व मरीज को इस रोड से अस्पताल ले जाया जाता है तो खराब सड़क के कारण वे रास्ते मंे ही दम तोड़ देंगे। करीब 800 से अधिक लोगों ने आज धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
गांव की हो गई दुर्गति
प्रदर्शनकारी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि कंपनी और सरकार विकास के दावे करते हैं, लेकिन जब से कोयला खदान इस क्षेत्र में खुले हैं। तब से पूरे गांव की दुर्गति हो चुकी है। हर कोई परेशान है। विकास के नाम पर लोग समस्याएं झेल रहे हैं।
मजबूर होकर धरना पर बैठे
लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार ने बताया कि जब किसी गांव में कंपनी का विस्तार होता है तो कंपनी द्वारा कहा जाता है कि बिजली, पानी व सड़क की सुविधा मिलेगी, लेकिन कंपनी लगने के बाद इस पर ध्यान नहीं दिया जाता है। तमनार से मिलूपारा की रोड लंबे समय से खराब है और अब मजबूर होकर ग्रामीणों को धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है।


