देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बार जेलों में भी रक्षाबंधन मनाने की इजाजत दी गई है। ऐसे में बहनें सुबह-सुबह अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जेल पहुंच गईं। इस दौरान भाई-बहनों के चेहरे पर उदासी और आंखों में खुशी के आंसू थे।
इस दौरान बहनों ने अपने भाइयों की आरती उतारी और उनके माथे पर तिलक लगाकर कलाई पर राखी बांधी। जांच के बाद उन्हें मिठाई और फल लेने की अनुमति दी गई। जेल के अंदर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। सुबह 10 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक करीब 150 बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी।
कोविड काल से नहीं मना रक्षाबंधन
2020 में कोरोना काल के बाद से जिला जेल में रक्षाबंधन का पर्व नहीं मनाया जा रहा था। पिछले साल भी यहां इस तरह रक्षाबंधन मनाने की अनुमति नहीं थी। इस साल छूट मिलने पर काफी दूर-दूर से बहनें यहां अपने भाइयों के पास पहुंची।
जेल के अंदर और बाहर सुरक्षा के इंतजाम
जिला जेल में रक्षाबंधन को लेकर पहले से ही तैयारियां कर ली गई थीं। बहनों के आने पर सबसे पहले उनका नाम रजिस्टर में दर्ज किया गया, फिर उन्हें अंदर भेजा जा रहा था। जेल के बाहर सामान की जांच की जा रही थी। पुलिसकर्मी और जेल प्रहरी हर तरफ नजर रखे हुए थे।
महिला बंदियों ने जेल के अंदर से ही राखी बांधी
जेल अधीक्षक एसपी कुर्रे ने बताया कि जेल प्रशासन की ओर से आरती की थाली की व्यवस्था की गई थी। बहनें सिर्फ फल और मिठाई लेकर आई थीं। जेल में बंद महिला बंदियों ने जेल के अंदर से ही अपने भाइयों को राखी बांधी। नियमानुसार उनके भाइयों को जेल के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।

