रायगढ़ तहसीलदार से विवाद के बाद संकट में परिवार! बाप-बेटे पर गंभीर धाराओं में FIR के बाद UP स्टाइल में मकान नापने पहुंची राजस्व की टीम..
तहसीलदार से विवाद करना पडा भारी,अतिक्रमण बताकर मकान गुरुवार और शुक्रवार को नापने पहुंची राजस्व की टीम
रायगढ। रायगढ़ तहसीलदार लोमेश मिरी से विवाद के बाद जिला पंचायत के पीछे छोटे अतरमुडा में रहने वाला शर्मा परिवार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। गुरूवार शाम हुए इस मामले में पुलिस ने युवक राज शर्मा और उसके पिता पर गंभीर गैर जमानीतीय धाराओं में केस दर्ज कर जहां जेल भेज दिया तो वहीं, घटना के बाद गुरुवार और अगले दिन शुक्रवार को राजस्व विभाग भी शर्मा परिवार के घर आ धमका और उनके द्वारा अतिक्रमण किए जाने की बात कहकर मकान की नापजोख शुरू कर दी। जिसके बाद मामले में पुलिस व प्रशासन की यूपी मॉडल पर हुई इस कार्रवाई को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
यूपी का बुलडोजर पैटर्न
शुक्रवार को आरआई और पटवारियों की टीम को गौरीशंकर शर्मा के मकान की जांच करने भेजा गया। पट्टे के हिसाब से बने मकान की नापजोख की गई। यह देखा गया कि पट्टा कितने वर्गफुट का है और निर्माण कितने में हुआ। बताया जा रहा है कि मकान के सामने का हिस्सा अतिक्रमण करके बनाया गया है। संभवत: अब इसे तोडऩे का आदेश दिया जाएगा। पुलिसिया कार्रवाई के बाद अब बुलडोजर कार्रवाई भी होगी।
क्या हुआ था
दरअसल गुरुवार शाम रायगढ़ तहसीलदार लोमेश मिरी अपनी चारपहिया वाहन में जिला पंचायत के पीछे, छोटे अतरमुड़ा में अपनी पत्नी के साथ अपने बच्चे को ट्यूशन छोड़ने गए थे। गली सकरी होने के बावजूद भी अपनी चार पहिया वाहन को उन्होंने अंदर डाल दिया। जिससे एक घर के सामने खड़ी स्कूटी उनके गाड़ी से गिर गई। इसके बाद वहां रहने वाला शर्मा परिवार बाहर निकला। गाड़ी उठाने को लेकर बहस बाजी हुई। तहसीलदार ने फोन लगाना शुरू किया और धीरे-धीरे पूरा प्रशासनिक अमला हरक़त में आया और इसका परिणाम युवक और उसके पिता पर एस्ट्रोसिटी एक्ट और छेड़छाड़ जैसी गंभीर गैर जमानतीय धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर दिया गया।
इस मामले में तहसीलदार लोमेश मिरी का कहना है कि उनके साथ गाली गलौज और मारपीट की गई। उनका कॉलर पड़कर गाड़ी से निकाला गया। घटना का वीडियो बना रही उनकी पत्नी के साथ भी अभद्रता की गई। इसके बाद उन्होंने अपने विभाग के लोगों को बुलाया और चक्रधर नगर थाने पहुँचे। पुलिस ने इस मामले में राज शर्मा और उसके पिता गौरी शंकर शर्मा पर आईपीसी की धारा 294, 506, 34, 354, 323, अनुसूचित जाति जनजाति (नृशंसता अधिनियम) 3 (2) (5) के तहत अपराध दर्ज किया है।
4 साल पुरानी शिकायत को बनाया हथियार
अतरमुडा में शुक्रवार को कार्रवाई करने गई राजस्व विभाग को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के भी विरोध का सामना करना पडा। परिजन ने बताया कि कोरोना काल में राजस्व विभाग को उक्त इलाके में अतिक्रमण करने की शिकायत की गई थी। शर्मा परिवार का तहसीलदार से विवाद के बाद उसी शिकायत को आधार मानकर राजस्व विभाग की टीम नापजोख कर अतिक्रमण हटाने का भय दिखाने लगी। हालाकि कॉलोनी में और भी अतिक्रमण है लेकिन टीम ने केवल एक ही मकान की नापजोख की। जिससे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
