विधान सभा चुनाव को अब कुछ हि दिन बचे हैं जिन्हें लेकर अपने अपने तरीके से कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे को कोसने और उनकी नाकामी को दिखाने का प्रयास जारी है लेकिन कूछ कांग्रेसी लोग मिडिया के माध्यम से यह भ्रम फैला रहे हैं की भाजपा की संभावित टिकट तय होने से भाजपा के अन्य नेताओ में आक्रोश या विरोध है जबकि ऐसा नहीं है हमारे भारतीय जनता पार्टी में ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता है
सबको पता है की भाजपा एक राष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी है जिसे भारत ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेश में भी काफी चर्चित है मोदी जी की यह कार्यात्मक पुरे पार्टी के छोटे से छोटे कार्यकर्त्ता को भी पसंद है और जब भी लोक सभा व विधान सभा के चुनाव के समय प्रात्यशी का चयन को लेकर चर्चा होती है तो सर्व सहमति से नाम पैनल में जाता है और भाजपा के वरिष्ठ शीर्ष के नेताओ की कहे तो केंद्र के नेताओ के सहमति से तय होता है जिसे सभी प्रत्याशी अपना टिकट तय होने से अपने आप को देश की सबसे बड़ी पार्टी में जगह मिलना सबसे बड़ी शौभाग्य समझते हैं और इसे सभी कार्यकर्त्ता और नेता गण अपना कर्तब्य मान कर पार्टी के निर्देश का पालन करते हैं। जिसमे कोई प्रकार का शंका नहीं लेकिन हमारे कांग्रेसी भाई लोग इसे राजनीती का एक पहलू बना कर मिडिया में अपना रोटी सेंकते हैं और जनताओं को भ्रमित करते हैं ।
