क्या त्रिकोणीय समीकरण में फंस , बदलेगा खरसिया की सियासी तासीर
खरसिया || चुनावी बिगुल बज चुका है, और 2023 विधानसभा चुनाव का रण सज चुका है । राजनीतिक पार्टियां प्रत्याशियों का नाम जारी करना भी शुरू कर चुकी हैं , पर इस सियासी समर में सबकी नजर टिकी हुई हैं प्रदेश के हॉट सीट और कांग्रेस के अभेदगढ़ कहे जाने वाले खरसिया विधानसभा में , खरसिया विधानसभा जहां आजादी के बाद से आज तक कांग्रेस काबिज रही है , विपक्षी दलों के बड़े बड़े क़दद्दावर नेता भी इस अभेदगढ़ को भेदने में असमर्थ रहे , पर अब 2023 के विधानभा चुनाव में आम आदमी पार्टी व भारतीय जनता पार्टी ने शीर्ष नेतृत्व ने जमीनी नेताओं को मौका दिया है । लिहाजा 23 के रण में खरसिया में त्रिकोणीय समीकरण बन रहा है , जिसके कारण खरसिया विधानसभा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना है । यंहा कांग्रेस से उमेश पटेल 2013 से अब तक विधायक है और पार्टी ने 2023 के चुनाव में भी उन्हें ही प्रत्याशी बनाया है वहीं एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी ने महेश साहू पर अपना भरोसा जताया है वही आम आदमी पार्टी ने कलार समाज के प्रदेशाध्यक्ष विजय जायसवाल पर दांव लगाया है , तीनों ही प्रत्याशियों की क्षेत्र में अच्छी शाख है , जनता के बीच तीनों ही प्रत्याशियों की छवि अच्छी है अब देखने वाली बात ये होती है की त्रिकोणीय समीकरण में कांग्रेस का अभेदगढ़ ध्वस्त होता है या हर बार की तरह कांग्रेस ही खरसिया में विजयी होती है ।
✍️ चुनावी डेस्क
ब्यूरो रिपोर्ट रायपुर
