Khabar Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में G-20 की अंतिम बैठक आज:विदेशी मेहमानों ने पहले दिन चखा चीला, लाल भाजी का स्वाद

नया रायपुर में आयोजित G-20 की बैठक का आज दूसरा और अंतिम दिन है। इससे पहले सोमवार को इस बैठक का पहला दिन रहा। दुनिया भर से आए विषय विशेषज्ञों ने वैश्विक आर्थिक मामलों पर चर्चा की। विदेशी डेलीगेट्स छत्तीसगढ़िया व्यंजन और पारंपरिक नृत्य का लुत्फ में भी लिया।
मेफेयर लेक रिजॉर्ट में ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, मैक्सिकों, चीन और जर्मनी जैसे देशों के लोगों को चीला, लाल भाजी, कढ़ी, मुनगा जैसे व्यंजन परोसे गए। देर शाम विदेशी मेहमानों के लिए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक लोक नृत्यों का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पंथी नृत्य और बस्तर का मशहूर गौर नृत्य डेलीगेट्स ने देखा।

रायपुर के मेफेयर लेक रिजॉर्ट में विदेशी मेहमानों ने एक साथ किया भोजन।


नया रायपुर में लगा अफ्रीकन पेड़

विदेश मेहमानों ने नवा रायपुर में अफ्रीकी ट्यूलिप का पेड़ लगाया। ये अफ्रीकन पेड़ वहां सदियों से औषधीय उपयोग में लाया जाता है। त्वचा में जलन, बुखार, कब्ज, पेट दर्द, में ये काम आता है। नवा रायपुर के अटल नगर स्थित सेक्टर-24 में चल रहे ऐतिहासिक G-20 को और भी यादगार बनाने के लिए G-20 वाटिका तैयार की गई है।

विदेशी मूल के पौधे लगाए गए।


65 अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने यहां पौधे लगाए। एनटीपीसी कार्यालय के पास स्थित एकात्म पथ पर ओवल शेप का गार्डन तैयार किया गया है। 1.2 हेक्टेयर में विकसित G-20 वाटिका का लैंडस्केप एरिया 9376 स्क्वायर मीटर का है।

इसमें आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। इस गार्डन में सात प्रकार के फॉक्स टेल, मोलसारी, सीता अशोक, कचनार, अफ्रीकन ट्यूलिप ट्री, पिंक पोई और ट्री ऑफ गोल्ड पौधे लगाए गए हैं।



पुरखौती मुक्तांगन में देखा छत्तीसगढ़

G-20 में शामिल सदस्यों को पुरखौती मुक्तांगन ले जाया गया। जहां वे छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति से रूबरू हुए। छत्तीसगढ़ संस्कृति के तहत जनजाति जीवनशैली, छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक नृत्य, लोक कला, बस्तर दशहरा, आमचो गांव को देखकर डेलीगेट्स एक्साइटमेंट के भाव से भरे दिखे।

नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में वाहन पर सवार होकर घूमते डेलीगेट्स।


Post a Comment

Previous Post Next Post
 Khabar Chhattisgarh