जशपुर : जिला चिकित्सालय के मातृत्व शिशु वार्ड के टॉयलेट में अज्ञात नवजात शिशु का शव मिलने की घटना में जांच और निरीक्षण तेज हो गई है।घटना की जानकारी पाकर खुद एसडीएम प्रशांत कुशवाहा,नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी रवि तिवारी के साथ मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे।यहां अस्पताल के सभी कमरों सहित टायलेट में भी निरीक्षण किया और चिकित्सकों व अस्पताल के कर्मचारियों से गहन पूछताछ करते हुवे मामले की जांच में जुट गए हैं।प्रथम दृष्टया निरीक्षण में जो रिपोर्ट सामने आया है उसके मुताबिक संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि बच्चे का हॉस्पिटल में डिलीवरी होने की संभावना नहीं है,बच्चे को जन्म के बाद टायलेट में छोड़े जाने की आशंका प्रथम दृष्टया निरीक्षण में व्यक्त किया जा रहा है,वहीं पीएम रिपोर्ट और विस्तृत जांच उपरांत मामले का खुलासा होने का बात भी कहा जा रहा है।
प्रशासन द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि
आज दिनांक 11.08.2023 को लगभग 12:30 बजे जिला चिकित्सालय जयापुर के Mch word के टॉयलेट में नवजात बच्चे "का शव मिला, और बच्चा मृत पाया गया। बच्चा male था एवं उसकी Delivery कुछ समय पूर्व हुई होगी। बच्चे को सर्वप्रथम श्रीमती सेरोफिना तिग्गा द्वारा लगभग 12:00 बजे के आसपास देखा गया जिनकी बेटी की डिलिवरी MCH Ward में हुई है। श्रीमती तिग्गा द्वारा इस बात की जानकारी किसी को नहीं दी गई। तत्पश्चात् श्रीमती लक्ष्मी बाई वार्ड स्वीपर द्वारा टॉयलेट की सफाई के दौरान लगभग 12:30 बजे मृत बच्चे को देखकर ड्यूटी डॉक्टर अंजना लकड़ा एवं डॉक्टर अनुभा लकड़ा को जानकारी दी।
मृत शरीर की प्रारंभिक जांच से निम्न तथ्यों की जानकारी मिले हैं।
1. बच्चे का शरीर Full Term (लगभग 9 माह का गर्भावस्था पूर्ण) का था, जिसमें Umbilical Cord with placenta साथ में था ।
2. Umbilical Gond में किसी तरह का Clamp नहीं लगा था और न ही Umbilical Cord को काढा जाना पाया गया।
3. Dead body male child tha एवं मृत शरीरों पर किसी तरह के कोई भी बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए।
4. MCH Ward में दिनांक 11.08.2023 को Admit मरीजों में से किसी भी मरीज की डिलिवरी में बच्चे की मृत्यु नहीं हुई है। कुल 03 बच्चों का जन्म हुआ है एवं तीनों बच्चें जीवित हैं।
5. Gynaecologist डॉ. अंजना लकड़ा एवं M.D. डॉ अनुभा लकड़ा द्वारा बताया गया कि OPD में ऐसा कोई भी मरीज नहीं आया जिसकी डिलिवरी की स्थिति हो।
6. बच्चों की Dead body साफ-सुधरी पाई गई थी एवं रास्ते तथा टॉयलेट में खून के निशान नहीं मिले थे। मौका पर डिलिवरी की संभावना नहीं लगती है क्योंकि किसी के भी चिल्लाने अथवा दर्द में होने की आवाज नहीं आई। वार्ड में लोगों का लगातार आवागमन रहता है।
प्रारंभिक जांच से बच्चे की हॉस्पीटल में डिलिवरी की संभावना नहीं पाई गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि मृत बच्चे के जन्म के बाद बच्चे को टॉयलेट में छोड़ दिया गया है। शेष तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं विस्तृत जांच उपरांत किया जा सकता है।

