खरसिया। खरसिया जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत पामगढ़ में कथित आर्थिक अनियमितता और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत के पूर्व सचिव गोकुल राठिया पर आरोप है कि उन्होंने स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि बिना काम कराए ही पंचायत चुनाव से पहले निकाल ली, जिससे पंचायत को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पामगढ़ में दो बोर खनन और एक चबूतरा निर्माण के कार्य स्वीकृत हुए थे।
आरोप है कि इन कार्यों की करीब 50 प्रतिशत राशि पूर्व सचिव-सरपंच द्वारा बिना कार्य कराए ही आहरित कर ली गई। हैरानी की बात यह है कि पंचायत के खाते में अब इस राशि का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिख रहा है।वर्तमान सरपंच का कहना है कि पूर्व में स्वीकृत कार्यों को अब उनके द्वारा करवाया गया है, लेकिन भुगतान करने की स्थिति में पंचायत नहीं है क्योंकि संबंधित कार्यों की राशि पहले ही निकाल ली गई थी। इस पूरे मामले को लेकर सरपंच ने कलेक्टर रायगढ़ को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।आवेदन में यह भी कहा गया है कि पूर्व सचिव और पूर्व सरपंच से उक्त राशि वापस जमा कराई जाए, ताकि पंचायत के कार्यों का भुगतान किया जा सके। इस शिकायत की प्रतिलिपि खरसिया विधायक उमेश पटेल को भी भेजी गई है।
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि का बंदरबांट हुआ है? और अगर आरोप सही हैं तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी?गांव में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
