बिलासपुर हाईकोर्ट ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को शपथ पत्र पेश करने को कहा है. दरअसल, छत्तीसगढ़ में करंट की वजह से हाथियों-भालुओं सहित इंसानों की मौत हो रही है. इस मामले में एक जनहित याचिका दायर की गई है. इसी याचिका को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है.
दूसरी ओर, इसी मामले में वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट नितिन सिंघवी ने भी हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर दी है. उन्होंने इस याचिका में जानवरों से जुड़ी कई घटनाओं को बताया है. उनकी याचिका जानवरों के लिए लगातार बढ़ते खतरे को सावधान करती है. सिंघवी ने याचिका में बताया है कि बिलासपुर वन मंडल में हाथी के एक शावक की मौत हुई थी. उसकी मौत 1 अक्टूबर को करंट से हुई थी. फिर, 9 अक्टूबर को कांकेर में एक घटना घटी. यहां बिजली का तार गिरने से तीन भालुओं की मौत हो गई. ये घटनाएं इस ओर इशारा करती हैं कि राज्य के कई इलाकों में जानवरों को खतरा है.
इस याचिका में चौंकाने वाली बात
नितिन सिंघवी ने याचिका में यह भी बताया है कि करंट की वजह से केवल जानवर ही नहीं मर रहे, बल्कि इंसानों की भी जान जा रही है. उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर को कोरबा में शिकार के लिए लगाए गए बिजली के तार लगाए गए थे. इस तार में फैले करंट से दो युवकों की जान चली गई. इसी तरह 21 अक्टूबर को अंबिकापुर के बसंतपुर के जंगल में भी हादसा हुआ था. यहां भी एक शख्स जान से हाथ धो बैठा था.