स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण पर आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन दिया। कंप्लीट संख्या आने के बाद अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के बाद 13 हजार शिक्षक अतिशेष होंगे। बता दें, अभी तक 12 हजार अतिशेष शिक्ष़्ाकों का कैलकुलेशन किया गया था। मगर अब एक हजार की वृद्धि हो गई है।
पहले स्कूलों को मर्ज
सरकार पहले स्कूलों का युक्तियुक्तकरण करेगी। इसके लिए होम वर्क लगभग कंप्लीट कर लिया गया है। हफ्ते भर के भीतर आदेश जारी हो जाएगा कि किन जिलों के कितने स्कूल इसके जद में आएंगे। आज की मीटिंग में स्कल शिक्षा विभाग के अधिकारी युक्तियुक्तकरण करने वाले स्कूलों की संख्या लेकर पहुंचे थे, वह पहले से काफी ज्यादा है। पहले 3500 स्कूलों के युक्तियुक्तकरण करने की बातें आ रही थी। मगर अब पता चला है करीब 4 हजार स्कूल ऐसे हैं, जो एक ही कैंपस में और स्कूलों के साथ चल रहे हैं। और लगभग डेढ़ हजार स्कूल ऐसे हैं, जिनमें राष्ट्रीय मानके हिसाब से बच्चे 10 से कम हैं। इनमें 100 से अधिक ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चे 10 से कम हैं और शिक्षक राष्ट्रीय मानक से कहीं अधिक हैं। ऐसे स्कूलों को आसपास के स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। 7300 शिक्षक अतिशेष हैं और स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के बाद करीब छह हजार शिक्षक और अतिशेष हो जाएंगे। इस तरह करीब 13 हजार शिक्षक मिल जाएंगे। अफसरों का दावा है कि इतने शिक्षकों के बाद शिक्षक विहीन और सिंगल टीचर वाले स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या दूर हो जाएंगी। याने फिर शिक्षक भर्ती करने की फिलहाल जरूरत नहीं पड़ेंगी। छत्तीसगढ़ में होगा 3500 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण! दो-दो, चार-चार बच्चों वाले इन स्कूलों पर फूंके जा रहे करोड़ों रुपए
कलेक्टरों को अधिकार
हालांकि, सरकारी मुलाजिम के ट्रांसफर करने का अधिकार सरकार को है मगर अतिशेष शिक्षकों की पोस्टिंग का पावर जिले के कलेक्टरों को दिया जा रहा है। सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता के ट्रांसफर जिले के कलेक्टर करेंगे। वे जमीनी हकीकत को देखते हुए निर्णय लेंगे। बताते हैं, सरकार ने कलेक्टरों को अधिकार दे दिया है। सहायक शिक्षकों का कंप्लीट ट्रांसफर कलेक्टर करेंगे। शिक्षक और व्याख्याता में कलेक्टरों द्वारा ट्रांसफर करने के बाद जो बच जाएंगे, उस पर ज्वाइंट डायरेक्टर और डीपीआई फैसला लेंगे। याने शिक्षकों का ज्वाइंट डायरेक्टर और व्याख्याता का डीपीआई ट्रांसफर करेंगे...मगर कलेक्टरों द्वारा ट्रांसफर करने के बाद बच गए तो।
गौरतलब है, छत्तीसगढ़ सरकार स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण करने का फैसला लिया है। युक्तियुक्तकरण का मतलब यह कि जिन स्कूलों में राष्ट्रीय मानक से कम बच्चे होंगे, उन्हें आसपास के स्कूलों में मर्ज किया जाएगा और जिन स्कूलों में शिक्षक अतिशेष होंगे, उनका ट्रांसफर कर शिक्षक विहीन या सिंगल टीचर वाले स्कूलों में पोस्ट किया जाएगा।
