छत्तीसगढ़ के कोरबा में भारी बारिश की वजह से बुधवार को SECL की कुसमुंडा माइंस में पानी भर गया है। इसके चलते अंदर ही वाहन और अन्य संसाधन फंस गए हैं। कोयला उत्पादन प्रभावित होने से करोड़ों का नुकसान हुआ है।
वहीं दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में भी बारिश से NMDC का मिट्टी का बांध टूट गया। जिससे पहाड़ों से लाखों लीटर लाल पानी उतर कर शहर में घुस गया है। बाढ़ के पानी ने जमकर तबाही मचाई। करीब 100 से ज्यादा मकान-दुकान ढह गए।
दुर्ग जिले में बाढ़ में फंसे 4 बच्चों समेत 12 लोगों का SDRF ने रेस्क्यू किया है। बालोद में मंगलवार को नाले में बहे 3 साल के बच्चे का आज शव मिला है। बच्चा आंगनबाड़ी गया था।
आज मौसम विभाग ने 3 जिलों में ऑरेंज और 7 जिलों में हैवी रेन का यलो अलर्ट जारी किया है। अगले दो दिन तक प्रदेश के ज्यादातर स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहेगा।पिछले 24 घंटे के दौरान बालोद में सबसे ज्यादा 160 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
SECL खदान और NMDC हादसे की तस्वीरें..
.
कोरबा की कुसमुंडा खदान में बारिश का पानी घुसने से उत्पादन ठप हो गया है। अंदर ही काम में लगे वाहन और अन्य संसाधन फंस गए हैं।
दीपका कोल फील्ड्स के आवासीय क्षेत्र में भी पानी घुस गया है। मुख्य मार्ग से लेकर प्रगति नगर कॉलोनी में पानी भरा है।
बाढ़ के पानी ने शहर के कई इलाकों में तबाही मचा दी
NMDC का मिट्टी डैम टूटने से बहे पानी से मुख्य सड़क से लेकर गली सड़कें उखड़ गईं। छोटे-बड़े कई वाहनों के परखच्चे उड़ गए। एक घंटे से कम समय में ही बाढ़ के पानी ने शहर के कई इलाकों में तबाही मचा दी। जिले में अब भी बारिश हो रही है। पहाड़ों से पानी अब भी उतर रहा है, लेकिन अब फ्लो तोड़ा कम है। लोग घरों से बाहर निकल गए हैं।
कोरबा में कुसमुंडा खदान में घुसा बारिश का पानी, उत्पादन प्रभावित
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भारी बारिश की वजह से SECL की कुसमुंडा माइंस में फेस तक पानी का घुस गया है। इसके वजह से कोयला उत्पादन का काम प्रभावित हुआ है। कुसमुंडा मेगा माइंस से 55 लाख टन कोयला हर साल उत्पादन करने की योजना है।

