अंबिकापुर ।। शासकीय उचित मूल्य दुकान से संबंधित समाचार कवरेज के दौरान उत्पन्न विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जब एक पत्रकार पर एक ही रात में दो बार जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया। घटना ने पत्रकार सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, पत्रकार आकाश जायसवाल हाल ही में शासकीय उचित मूल्य दुकान से जुड़ी शिकायतों और गतिविधियों की रिपोर्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों के साथ उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि उसी रात पत्रकार पर दो अलग-अलग अवसरों पर हमला किया गया। हमले को गंभीर और जानलेवा बताया जा रहा है।
घटना के बाद पत्रकार ने तत्काल कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया और उन्हें डराने तथा खबरों के कवरेज से रोकने का प्रयास किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल जांच प्रारंभ की और आरोपियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। पुलिस की खोजबीन के दौरान मुख्य आरोपी राहुल सिंह को अंबिकापुर के गाड़ाघाट क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके अलावा दूसरे आरोपी गोलू पंडित को चांदनी चौक स्थित दाऊ गुडी मंदिर के समीप एक सूने मकान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है तथा घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। इनमें धारा 296(बी), 351(3), 115(2), 126(2), 118(1) तथा 3(5) शामिल हैं। ये धाराएं धमकी, हमला, आपराधिक कृत्य तथा सामूहिक अपराध से जुड़े प्रावधानों से संबंधित बताई जा रही हैं।
घटना के बाद पत्रकार समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों ने पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यह मामला पत्रकारिता के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और रिपोर्टिंग के दौरान सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी एक बार फिर उजागर करता है। अब सभी की नजरें आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर बनी हुई हैं।