छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. एक विवाहिता की मौत के चार दिन बाद जब उसका शव कब्र से निकलवाया गया, तो मामला और गहरा गया. परिजनों ने दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या तक के गंभीर आरोप लगाए हैं. अब सवाल यह है कि विनीता की मौत प्राकृतिक थी, आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे कोई साजिश छिपी है.
उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ कब्रिस्तान पहुंची. तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में विवाहिता विनीता का शव कब्र से बाहर निकाला गया. कड़ी धूप में चली इस कार्रवाई को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए. शुरुआत में ससुराल पक्ष की ओर से विरोध भी हुआ, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद प्रक्रिया पूरी कराई.
दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप
मृतिका के मायके वालों ने पति मुकेश पाटले, सास और ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि शादी के बाद से ही विनीता को दहेज के लिए परेशान किया जाता था. आए दिन मारपीट और गाली-गलौज होती थी, और कई बार उसे घर से निकाल दिया जाता था. हर बार मायके आने के बाद समझौता कर उसे वापस भेज दिया जाता था.
पहले भी जान लेने की कोशिश का दावा
मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतिका की मां ने कहा कि कुछ समय पहले विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश भी की गई थी. परिवार का आरोप है कि हाल ही में पति कुछ लोगों को पंच-सरपंच बताकर लाया था, लेकिन बाद में वे रिश्तेदार निकले. इसे लेकर भी साजिश की आशंका जताई जा रही है.