छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के ऐलान के साथ ही ड्राफ्ट कमेटी का भी ऐलान कर चुकी है. ऐसे में सियासी गलियारों के साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों में संशय की स्थिति है कि क्या उत्तराखंड और गुजरात की तरह यहां भी उन पर UCC थोपा जाएगा और सबसे आबादी यानी आदिवासी समुदाय को इससे छूट मिलेगा. आइये जानते हैं कि है कि पूरे छत्तीसगढ़ में जिलेवार कितनी है मुस्लिम आबादी?
Chhattisgarh News Today: गोवा, उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली विष्णु देव साय सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने का ऐलान किया. बुधवार (15 अप्रैल) को कैबिनेट की बैठक बाद सरकार ने UCC ड्राफ्ट तैयार करने के लिए रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में एक कमेटी बनाने का फैसला किया है. इसका विपक्षी दलों के साथ कई मुस्लिम संगठनों ने विरोध जताया है. इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर छत्तीसगढ़ में कितनी मुस्लिम आबादी है जिसकी वजह से बीजेपी सरकार UCC लाने की तैयारी कर रही है.
छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की ऐलान के बाद राज्य में अलग-अलग धार्मिक समुदायों की जनसंख्या को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. साल 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ की कुल आबादी में हिंदू बहुसंख्यक हैं, जबकि मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन और बौद्ध समुदाय मिलकर अल्पसंख्यक वर्ग में शामिल हैं. विष्णु देव साय सरकार के इस ऐलान के बाद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि बीजेपी UCC के जरिये अपने सियासी एजेंडे को साधने में लगी है, क्योंकि वे जिस समुदाय को निशाने पर रखकर UCC बनाने जा रहे हैं उसकी आबादी बहुत कम है.
छत्तीसगढ़ में कितनी है मुस्लिम आबादी?
UCC में उत्तराखंड और गुजरात में मुसलमानों पर बहुसंख्यक आबादी की परंपराओं को थोपने के आरोप लगे हैं. कमोबेश इसी तरह छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है. इस कानून के तहत हिंदू समुदाय के तहत आने वाले आदिवासी समुदाय को बाहर रखने का ऐलान कई मंचों से बीजेपी के नेता करते रहे हैं. अब डालते राज्य में धर्म के आधार पर किस समुदाय की कितनी बड़ी आबादी है.
आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हिंदू आबादी लगभग 93 फीसदी से ज्यादा है. वहीं, मुस्लिम आबादी करीब 2.02 फीसदी (लगभग 5.15 लाख) दर्ज की गई है. इसके अलावा ईसाई समुदाय लगभग 1.9 फीसदी, सिख समुदाय लगभग 0.3 फीसदी, जैन समुदाय लगभग 0.3 फीसदी और बौद्ध समुदाय लगभग 0.3 फीसदी के आसपास है. अन्य धर्मों और कई दूसरे वर्गों की हिस्सेदारी छत्तीसगढ़ में बहुत छोटी है.
क्या UCC में छत्तीसगढ़ की 31% आबादी को मिलेगी छूट?
भारत के दूसरे राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी हिंदू और मुस्लिम समुदाय को उनके धर्म के मुताबिक कुछ नियम तय किए गए हैं, साथ ही शादी, प्रॉपर्टी बंटवार जैसे कई नियमों में धर्म के अनुसार छूट दी गई है. हालांकि, इससे आदिवासी समुदाय को छूट दी गई है. छत्तीसगढ़ की एक बड़ी विशेषता इसकी आदिवासी जनसंख्या है. राज्य में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की आबादी लगभग 31 फीसदी के आसपास है, जो देश के औसत से काफी ज्यादा है.
बस्तर, सरगुजा और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय बहुसंख्यक हैं और यहां सामाजिक संरचना काफी अलग दिखाई देती है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों को उनके समृद्ध संस्कृति और परंपराओं पर भी UCC लागू करेगी, या फिर अन्य राज्यों की तरह उन्हें अपनी परंपराओं को पालन करने की छूट मिलेगी. अगर ऐसा है तो फिर क्या यह 69 फीसदी आबादी के लिए UCC लागू किया जाएगा, उनमें से कई अन्य वर्गों को भी इसमें छूट मिलने की संभावना है.