Khabar Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए गुड न्यूज: जमीन की रजिस्ट्री अब बहुत सस्ती पड़ेगी, 50% छूट देगी सरकार

छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में महिलाओं को भूमि रजिस्ट्रेशन में 50 फीसदी की छूट देने का फैसला लिया गया है. राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से समानता बढ़ेगी और महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने की उम्मीद है. लेकिन इससे राज्य सरकार को राजस्व में भी नुकसान होने की उम्मीद है.



विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. कैबिनेट ने एक ओर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया. दूसरी तरफ महिलाओं के नाम पर भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल की है. इससे प्रदेश भर की महिलाओं में खुशी है.

छत्तीसगढ़ की कैबिनेट ने महिलाओं के हित में एक और बड़ा फैसला लेते हुए उनके नाम पर भूमि पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है. इस फैसले से महिलाओं के लिए जमीन और मकान खरीदना अधिक आसान और किफायती होगा. साथ ही परिवारों में भूमि महिलाओं के नाम पर दर्ज कराने की प्रवृत्ति बढ़ने की उम्मीद है, जिससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी.
राजस्व पर पड़ेगा असर
राज्य सरकार के अनुसार इस फैसले से लगभग 153 करोड़ रुपए के राजस्व पर असर पड़ेगा, लेकिन इसे महिला सशक्तिकरण के लिए एक दीर्घकालिक सामाजिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है. जानकारों का मानना है कि यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ाने में प्रभावी साबित हो सकती है.
महिलाओं को होगा बड़ा फायदा
छत्तीसगढ़ में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में अभी तक 4 प्रतिशत शुल्क लगता है. वहीं 5% स्टांप ड्यूटी शुल्क लगता है. महिलाओं को पहले से ही स्टांप ड्यूटी में एक प्रतिशत की छूट मिल रही है. अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में महिलाओं को 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी. महिलाओं को रजिस्ट्री पर 4% की जगह 2% शुल्क देना होगा.
UCC लाने की पूरी तैयारी
इसके अलावा राज्य सरकार ने UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाने का फैसला किया है. यह समिति नागरिकों, विशेषज्ञों और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेकर एक विस्तृत मसौदा तैयार करेगी, जिसे बाद में विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम होगी, साथ ही महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

Post a Comment

Previous Post Next Post
 Khabar Chhattisgarh
 Khabar Chhattisgarh
 Khabar Chhattisgarh