ईडी का अनुमान है कि इस घोटाले की वजह से राज्य को 2,161 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जबकि राज्य आर्थिक अपराध शाखा (OW जो कथित शराब घोटाले के अपराध पहलू की जांच के अनुमान के अनुसार, यह मामला 3,200 करोड़ रुपये का है। इस मामले में 22 आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
कौन हैं चैतन्य बघेल? क्या है उनका रोल
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चैतन्य की इस मामले में वास्तविक भूमिका अभी सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं की गई है। वह कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं। रिपोर्ट में कांंग्रेस पार्टी के अंदरूनी सूत्रों हवाले से बताया गया है कि उन्होंने राजनीति से दूर रहने का फैसला लिया है।
राजनीति में उनकी एंट्री की प्लानिंग तब बनाई गई थी जब उनके पिता 2018 से 2023 तक राज्य के मुख्यमंत्री थे, लेकिन यह साकार नहीं हो सकी। साल 2024 में जब राजनंदगांव से भूपेश बघेल ने लोकसभा चुनाव के लिए पर्चा भरा तो यह अनुमान लगाया जाने लगा कि चैतन्य पाटन विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे लेकिन उनके पिता चुनाव हार गए और उनकी ये योजना भी पूरी न हो सकी।
कांग्रेस पार्टी में कभी किसी पद पर नहीं रहे चैतन्य
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चैतन्य बघेल भूपेश बघेल के चार बच्चों में से एक हैं। उन्होंने पार्टी में कभी कोई पद नहीं संभाला है। वह अपने परिवार का खेती काम काम देखते हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, वह पहले रियल एस्टेट बिजनेस से जुड़े हुए थे।
यह पहली बार नहीं है, जब कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उनपर नजरें टेढ़ी की हों। पिछले साल जब भूपेश बघेल ने CJI DY चंद्रचूड को पत्र लिख शिकायत की थी कि राज्य और केंद्र की एजेंसियां उनके सियासी करियर को खत्म करने के लिए उन्हें बदनाम कर रही हैंं। इसके कुछ दिनों के बाद दुर्ग में पुलिस ने भिलाई में एक प्रोफेसर की हत्या के प्रयास के सिलसिले में चैतन्य से पूछताछ की थी।