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कौन हैं भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य? कोर्ट ने पांच दिनों के लिए ED कस्टडी में भेजा; इस मामले में बढ़ी हैं मुश्किलें

चैतन्य बघेल भूपेश बघेल के चार बच्चों में से एक हैं। उन्होंने पार्टी में कभी कोई पद नहीं संभाला है। वह अपने परिवार का खेती काम काम देखते हैं।कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, वह पहले रियल एस्टेट बिजनेस से जुड़े हुए थे।


ईडी ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेट चैतन्य को कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर बताया कि रायपुर कोर्ट ने चैतन्य बघेल को पांच दिनों के लिए ED की कस्टडी में भेज दिया। द इंंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ महीनों पहले केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में 14 स्थानों पर रेड मारी थी। इन जगहों में भूपेश बघेल का भिलाई स्थित आवास भी शामिल है।

ईडी ने इस मामले में 10 मार्च को पहले रेड मारी थी। वह इस केस में पूर्व आबाकारी मंत्री कवासी लखमा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। केंद्रीय एजेंसी का आरोप है कि एक्साइज डिपार्टमेंट से जुड़े केस में कथित घोटाला साल 2019 में शुरू हुआ और साल 2022 तक जारी रहा। उस समय प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी।

ईडी ने रायपुर में पीएमएलए कोर्ट को जानकारी दी कि इस कथित घोटाले के पीछे जो सिंडिकेट काम कर रहा है, उसे रायपुर के पूर्व मेयर कांग्रेस नेता ऐजाज़ ढेबर के भाई अनवर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा लीड कर रहे थे।

इसके अलावा जिस सिंडिकेट को चलाने का उन पर आरोप है, उसने कथित तौर पर शराब नीति में बदलाव किया और शराब बेचने का एक समानांतर सिस्टम बनाया। छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) ने सिर्फ उन लोगों से शराब खरीदी जो सिंडिकेट को कमीशन देते थे और इसका एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस को जाता था।

ईडी का अनुमान है कि इस घोटाले की वजह से राज्य को 2,161 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जबकि राज्य आर्थिक अपराध शाखा (OW जो कथित शराब घोटाले के अपराध पहलू की जांच के अनुमान के अनुसार, यह मामला 3,200 करोड़ रुपये का है। इस मामले में 22 आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।

कौन हैं चैतन्य बघेल? क्या है उनका रोल

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चैतन्य की इस मामले में वास्तविक भूमिका अभी सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं की गई है। वह कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं। रिपोर्ट में कांंग्रेस पार्टी के अंदरूनी सूत्रों हवाले से बताया गया है कि  उन्होंने राजनीति से दूर रहने का फैसला लिया है।

राजनीति में उनकी एंट्री की प्लानिंग तब बनाई गई थी जब उनके पिता 2018 से 2023 तक राज्य के मुख्यमंत्री थे, लेकिन यह साकार नहीं हो सकी। साल 2024 में जब राजनंदगांव से भूपेश बघेल ने लोकसभा चुनाव के लिए पर्चा भरा तो यह अनुमान लगाया जाने लगा कि चैतन्य पाटन विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे लेकिन उनके पिता चुनाव हार गए और उनकी ये योजना भी पूरी न हो सकी।

कांग्रेस पार्टी में कभी किसी पद पर नहीं रहे चैतन्य

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चैतन्य बघेल भूपेश बघेल के चार बच्चों में से एक हैं। उन्होंने पार्टी में कभी कोई पद नहीं संभाला है। वह अपने परिवार का खेती काम काम देखते हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, वह पहले रियल एस्टेट बिजनेस से जुड़े हुए थे।

यह पहली बार नहीं है, जब कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उनपर नजरें टेढ़ी की हों। पिछले साल जब भूपेश बघेल ने CJI DY चंद्रचूड को पत्र लिख शिकायत की थी कि राज्य और केंद्र की एजेंसियां उनके सियासी करियर को खत्म करने के लिए उन्हें बदनाम कर रही हैंं। इसके कुछ दिनों के बाद दुर्ग में पुलिस ने भिलाई में एक प्रोफेसर की हत्या के प्रयास के सिलसिले में चैतन्य से पूछताछ की थी।

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