फूटपाथ के ढक्कन टूटे-गायब, हादसों को न्योता दे रहे हालात। ब्रिज गारंटी में, फिर भी मरम्मत नहीं! PWD सेतु और ठेकेदार पर उठे सवाल
रायगढ़। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले कोतरा रोड ओवर ब्रिज की हालत बेहद चिंताजनक होती जा रही है। यह ब्रिज जो कि कलमी और ट्रांसपोर्ट नगर को जोड़ता है, अब अपनी गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है।
कोतरा रोड ओवर ब्रिज की स्थिति शहरी आवागमन के लिए खतरे की घंटी सकता है। अब समय की मांग है कि जवाबदेही तय की जाए और संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के लिए बाध्य किया जाए, ताकि कोई बड़ा हादसा होने से रोका जा सके।
बीच सड़क उखड़ रही है ढलाई
हाल ही में बनकर तैयार हुए इस ब्रिज के बीच-बीच के ज्वाइंट में ढलाई अब उखड़ने लगे हैं। घटिया निर्माण कार्य का नतीजा यह है कि कई स्थानों पर ढलाई उखड़ने से सरिए दिखने लगे हैं। यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया, तो यह पुल भी गोवर्धन पुल की तरह भारी क्षति की ओर बढ़ सकता है। गोवर्धन पुल को भी मरम्मत न होने के कारण बंद करना पड़ा।
फूटपाथ की भी हालत जर्जर
ब्रिज के दोनों ओर बने फुटपाथ भी ‘फूट- फाट’ की कहानी कह रहे हैं। कई जगह ढक्कन गायब हैं, तो कुछ जगह ढक्कन टूट-फूट गए हैं। इससे सरिए बाहर निकल आए हैं, जो कभी भी राहगीरों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
कौन है जिम्मेदार? PWD सेतु या ठेकेदार?
यह हालात कोई अचानक नहीं बने, बल्कि कुछ समय से जस के तस हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है – इसका जिम्मेदार कौन है? लोक निर्माण विभाग सेतु (PWD) के अधिकारियों की भूमिका भी सवालों में है, क्योंकि ब्रिज अभी गारंटी अवधि में है, फिर भी मरम्मत कार्य में ढिलाई क्यों?
क्या बोले कार्यपालन अभियंता?
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग रायगढ़ के कार्यपालन अभियंता रमेश कुमार वर्मा ने बताया कि— “ठेकेदार को लिखने के लिए एसडीओ को बोला गया है। जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू करवाया जाएगा।”