यह मानसून का आखिरी चरण है, आगे तेज बारिश के आसार कम हैं। राजस्थान से मानसून की विदाई के कोई संकेत नहीं दिखे हैं। सोमवार-मंगलवार मध्य रात्रि देर तक तेज बारिश से शहर की नालियों का पानी सड़कों पर आ गया। जगह-जगह पानी जमा हो गया। सुबह 4 बजे थोड़ी देर के लिए बारिश थमी, फिर बौछारें शुरू हो गईं। इसी के साथ शहर के कई मोहल्लों में बिजली कटौती भी हुई। जिले के घरघोड़ा और पुसौर में सबसे अधिक बारिश हुई। घरघोड़ा में अति और धरमजयगढ़ में अल्प वर्षा की वजह पर मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया, जो सिस्टम रायगढ़ में सक्रिय रहा वह रायगढ़ से बिलासपुर से होकर उत्तर पूर्व की तरफ निकला। सिस्टम के फारवर्ड यानि अगले हिस्से में तेज बारिश होती है।
जिले में अब भी औसत से 17 फीसदी कम बारिश इस सीजन में बारिश ने शहर पर मेहरबानी दिखाई लेकिन ग्रामीण इलाकों में कमजोर रही। मंगलवार तक हुई बारिश 942 मिमी बताई गई है। जबकि 1 जून से 10 सितंबर तक 10 सालों की औसत बारिश 1012 मिमी है। इस तरह अब तक 93 फीसदी ही बारिश हुई है। धरमजयगढ़, पुराौर, कापू और छाल में अल्प वर्षा जैसे हाल हैं। वर्षा के आंकड़े देखें तो धरमजयगढ़ में सिर्फ 77 फीसदी बारिश हुई है। ब्लॉक के कुछ हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति है। सबसे ज्यादा बारिश घरघोड़ा में 109 और रायगढ़ में 107 फीसदी हुई है।
मौसम वैज्ञानिक बोले- सिस्टम के कारण कहीं अच्छी तो कहीं कमजोर बारिश
