छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के गढ़उमरिया में शिक्षक दिवस पर शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। करीब 600 शिक्षकों का शॉल, श्रीफल और पेन से सम्मान किया गया।शिक्षकों के पहुंचने के बाद उनके पैर धोकर और माथे पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति ललित प्रकाश पटेरिया ने कहा कि हर कोई एक समय के बाद गुरू को भूल जाता है, लेकिन शिक्षकों के सम्मान करने की यह परंपरा यहां पिछले 22 सालों से लगातार चली आ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने जीवन में कभी रिटायर नहीं होता बल्कि शिक्षक, शिक्षक ही होता है, जो समाज को हमेशा उन्नति कि सही राह दिखाते रहते हैं।
10 शिक्षकों से हुआ थी शुरुआत
गढ़उमरिया में जब शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम शुरू किया गया तो प्रारंभ में 10 शिक्षकों का सम्मान किया गया। इसके बाद हर साल शिक्षकों से संपर्क कर उन्हें इस आयोजन में आने का निमंत्रण दिया जाता। अब धीरे-धीरे करीब 600 शिक्षकों का यहां सम्मान होने लगा है।
गुरुओं का मिलता है आर्शीवाद
आयोजक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री वासुदेव यादव ने कहा कि शिक्षक ही है जो हम सबको शिक्षित कर समाज में दिशा और पथ प्रदर्शन करता है। गुरु का आशीर्वाद जिनके ऊपर होता, वो जीवन मे हमेशा सफल होता है। उन्होंने आगे कहा कि इसमें शिक्षकों का भरपूर आशीर्वाद मिलता है और इसी वजह से हर साल यह समारोह का आयोजन करता रहूंगा।
कई जिलों से पहुंचे शिक्षक
इस कार्यक्रम में जिले के कई शिक्षकों को आंमत्रित किया गया था। ऐसे में पुसौर, रायगढ़, महापल्ली क्षेत्र और सरिया से शिक्षक पहुंचे थे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रपति पुरुस्कृत शिक्षक भारत लाल साहू, सुनीता चौबे, आरके पटेल, डीपी साहू, पीके अग्रवाल, चैतन्य प्रसाद नायक, एलएन उपाध्याय रहे। गांव में इसके लिए करीब सप्ताह भर से तैयारियां भी चल रही थी और इस कार्यक्रम में गांव के ग्रामीण भी काफी संख्या में उपस्थित थे।

