प्रदेश में रायपुर समेत कई जिलों में सोमवार को बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर के स्कूलों में सोमवार को छुट्टी कर दी गई। बस्तर संभाग के सातों जिलों में जलभराव के चलते कई रास्ते कट गए हैं। नदी- नाले उफान पर हैं। सुकमा जिले के तोंगपाल क्षेत्र के चितलनार में करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। ऐसे में 20 मकान ढह गए, जबकि छिंदगढ़ ब्लॉक के कोतरा इलाके से बाढ़ प्रभावित 35 परिवारों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया।
चितलनार के पास से होकर बहने वाला चक्का बुक्का नाला भी उफान पर आ गया। नाले का पानी घरों में घुस गया। नेशनल हाईवे 30 पर भी आवागमन ठप हो गया। इसके चलते सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। भारी बारिश के चलते कलेक्टर हरीश एस. ने सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस बीच, सुकमा के रास्ते छत्तीसगढ़ का ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से सड़क संपर्क टूट गया है।
वहीं मिंगाचल नदी में बाढ़ आने से बीजापुर के रास्ते महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ का सड़क संपर्क टूट गया। दंतेवाड़ा में बारिश से 100 से अधिक गांव टापू बन गए हैं। डंकिनी नदी पर बना पुराना पुल पहली बार डूबा है। शंखनी नदी का पानी भी सड़क पर आ गया है।
शबरी नदी उफनी, खतरे के निशान के पास, प्रदेश में अब तक 4% अधिक बारिश हुई
भारी बारिश से शबरी नदी उफान पर है। उसका जलस्तर दोपहर 12 बजे खतरे के निशान के पास पहुंच गया। तोंगपाल से कोंटा तक नेशनल हाईवे पर पानी जमा होने से जाम के हालात हैं। इंजरम, डब्बाटोटा और जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन के पास करीब 4 फीट से ज्यादा पानी सड़क पर बह रहा है। प्रदेश में 9 सितंबर तक 1054.5 मिमी बारिश हो गई। यह औसत से चार प्रतिशत अधिक है।
अंतागढ़ नपं अध्यक्ष नाले में फंसे,जवानों ने निकाला
कांकेर भाजपा के सदस्यता अभियान विधानसभा प्रभारी व अंतागढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष राधेलाल नाग बहने से बच गए। वे कोयलीबेड़ा गए थे। वहां से महला होते पखांजूर आ रहे थे। परतापुर के पास नाला उफान पर था। वहां से लौटे तो महला के जिस नाले को पार कर आए थे वापसी तक उसका जलस्तर बढ़ गया था। इसमें उनका वाहन बहने लगा। तब सूचना पर पुलिस व बीएसएफ ने 3 घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित निकाला।
रायपुर, बलौदाबाजार समेत 7 जिलों में यलो अलर्ट
प्रदेश में उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में मंगलवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। रायपुर समेत 7 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कहा है कि कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बालौद में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। 24 घंटे में राजधानी रायपुर में 32.4 मिमी पानी गिरा।
मंगलवार से बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी शुरू होगी। प्रदेश में 9 सितंबर तक 1054.5 मिमी बारिश हो गई। यह औसत से चार प्रतिशत अधिक है। पिछले 24 घंटे के दौरान वर्षा की मात्रा औसत से अधिक हो गई है। अगले कुछ दिनों तक बारिश की स्थिति रहने के कारण वास्तविक बारिश की मात्रा औसत से अधिक रहने की संभावना है।
बीजापुर में 210 मिमी पानी गिरा : बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत सिस्टम के कारण पिछले 24 घंटे में भैरमगढ़, बीजापुर और कुटरू में 210 मिमी पानी गिरा। इसके अलावा 13 जगहों पर 115.5 से 204.5 मिमी तक बारिश हुई।

