छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों का उत्पात जारी है। मंगलवार की रात हाथियों ने रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल में करीब 35 किसानों के फसल और धान बर्बाद कर दिए। बताया जा रहा है कि रात में अलग-अलग हाथियों का दल जंगल से निकलकर किसान के खेतों में पहुंच रहे है। अपने भारी भरकम पैरों से उसे रौंदने के साथ ही खा भी रहे हैं
हाथियों के दल ने धरमजयगढ़ के कोयलार में 6 जगह, नागदरहा में एक, सागरपुर में दो, छाल के चुहकीमार में 8 बोरी भूसा, बोजिया पुसल्दा में चार जगह, कीदा खर्रा में 9 जगह, हाटी में एक और लैलूंगा के कुरोपहरी में 5 जगह नुकसान पहुंचाया है।
छिरवानी में भी धान फसल बर्बाद
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ वन मंडल के तमनार वन परिक्षेत्र में भी हाथियों का डेरा है। यहां बीती रात छिरवानी में 4 जगह और सेमीजोर में दो जगह धान के फसल को हाथियों ने बर्बाद किया है। जिसका आंकलन किया जा रहा है।
141 पहुंची हाथियों की संख्या
जिले के दोनों वन मंडल में हाथियों की संख्या अब 141 तक पहुंच चुकी है। इसमें 37 नर, 69 मादा और 35 शावक शामिल हैं। 117 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल में विचरण कर रहे हैं, तो रायगढ़ वन मंडल में 24 हाथियों का दल है।
कीदा में सबसे अधिक 37 हाथी
बताया जा रहा है कि, जिले में सबसे अधिक छाल रेंज के कीदा में 37 हाथी विचरण कर रहे हैं। इसके बाद लैलूंगा के सोनाजोरी में 22 और रायगढ़ वन मंडल के तमनार रेंज के छिरवानी में 21 हाथियों की मौजूदगी है।
लगातार की जा रही मॉनिटरिंग
धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ अभिषेक जोगावत ने बताया कि, ट्रैकर और हाथी मित्र दल के द्वारा हाथियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां नुकसान है, वहां आंकलन कराया जा रहा है ताकि किसानों को मुआवजा दिया जा सके।



