छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज ने रैली निकाली। दोपहर करीब 12 बजे रामलीला मैदान से रैली की शुरुआत की गई। इस दौरान युवतियों और महिलाएं ने आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति दी।
रैली रामलीला मैदान से स्टेशन चौक, श्याम टाकीज चैक, शहीद चौक, हेमू कलाणी चौक से चक्रधर नगर चैक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। जहां राज्यपाल के नाम सर्व आदिवासी समाज ने एक आवेदन सौंपा और अपनी मांगों को रखते हुए उनका निराकरण करने की मांग की।
आदिवासी समाज के हितों पर चर्चा
सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग रैली में शामिल हुए। इसके बाद ऑडिटोरियम में सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें आदिवासी समाज के हितों को लेकर चर्चा भी की गई।
20 सूत्रीय मांगों को लेकर आवेदन सौंपा
सर्व आदिवासी समाज ने 20 सूत्रीय मांगों को लेकर आवेदन सौंपा है। इसमें पहली मांग है कि आदिवासियों के जातिगत उत्पीड़न, अत्याचार, अपमान, महिला और बच्चों से बलात्कार और हत्या पर अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत आजाक थाने में प्राथमिकी दर्ज हो। जांच पड़ताल कर दोषी व्यक्ति पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और थाना का प्रमुख एससी एसटी वर्ग से ही हो।
परिषद के गठन की मांग
सर्व आदिवासी समाज ने मांग की है कि आदिवासी सलाहकार परिषद का गठन संविधान अनुरूप किया जाए और अध्यक्ष आदिवासी समाज से ही हो। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य और केन्द्र में छात्रवृत्ति योजना अजजा वर्ग के पालकों का आय निर्धारण सीमा 2.50 लाख को निरस्त कर आय सीमा 8.00 लाख लागू किया जाए।
कुडुख भाषा में पढ़ाई हो
आदिवासी समाज ने कहा कि सरगुजा और बिलासपुर संभाग के रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सक्ती जिला में उरांव जनजाति की बहुलता है। ऐसे में उनकी मातृभाषा (कुडुख) की प्राथमिक शालाओं में पढ़ने की व्यवस्था हो और कुडुख भाषा शिक्षक की भर्ती की जाए।

