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वर्ष 2030 तक बंद हो जाएंगे 175 में से 30% शिक्षा महाविद्यालय, आखिर ऐसा क्यों? जानें वजह…

University Shutdown in CG: छत्तीसगढ़ के रायपुर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के चलते शिक्षा महाविद्यालयों में भी इसका असर देखने को मिलेगा। कुछ सालों में डीएलएड पाठ्यक्रम बंद हो जाएंगे।

University Shutdown in CG: छत्तीसगढ़ के रायपुर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के चलते शिक्षा महाविद्यालयों में भी इसका असर देखने को मिलेगा। कुछ सालों में डीएलएड पाठ्यक्रम बंद हो जाएंगे। जिसके चलते ऐसे कॉलेज जहां केवल डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित होते हैं वो भी बंद हो जाएंगे। ऐसे कॉलेज जहां डीएलएड या बीएड कोर्स ही संचालित होते हैं उन्हें हायर एजुकेशन के कोर्स भी शुरू करने को कहा जा रहा है। इस कैटेगरी में सभी सरकारी कॉलेज और 33 फीसदी प्राइवेट कॉलेज आ रहे हैं।

एकल शिक्षा पाठ्यक्रम वाले कॉलेज हो जाएंगे बंद
प्राइवेट बीएड कॉलेज एसोसिएशन के राजीव गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में छात्र-छात्राओं के लिए मल्टीपल एंट्री व एग्जिट का प्रावधान दिया गया है। जिसमें स्टूडेंट् पढ़ाई बीच में ही छोड़ सकते है। वे जितने वर्ष की पढ़ाई पूरी करेंगे, उसके आधार पर उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री प्रदान किया जाएगा।
जो बीएड की पढ़ाई एक वर्ष करेंगे, उन्हें डीएलएड की उपाधि दी जाएगी। इसी कारण डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित नहीं होगा। वही कॉलेज 2030 तक क्रमबद्ध रुप से बंद किए जाने की तैयारी है। राज्य में संशय यह भी है कि अगले सत्र से डीएलएड में प्रवेश नहीं होंगे।

नए बीएड कॉलेजों को भी मान्यता नहीं
बीएड पाठ्यक्रम के स्थान पर बीएबीएड, बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड का प्रावधान किया जा रहा है। यही कारण है कि प्लेन बीएड को भी अब मान्यता प्रदान नहीं की जा रही है। बीएड पाठ्यक्रमों के लिए मान्यता नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन द्वारा दी जाती है। बीते दो सत्रों में प्रदेश के किसी भी महाविद्यालय को बीएड पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति नहीं मिली है।

पिछले शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के 23 महाविद्यालयों ने बीएड पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए आवेदन किया था। इनमें से किसी भी महाविद्यालय को नवीन बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति नहीं मिली थी। इस साल राज्य में बीए बीएड ओर बीएससी बीएड के कोर्स भी शुरू हो गए। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन की से आगे भी कॉलेजों में बीएबीएड, बीएससीबीएड और बीकॉम बीएड कोर्स शुरू किए जाएंगे।

सरकारी सभी कॉलेज ङ्क्षसगल पाठ्यक्रम वाले
राज्य में लगभग 27 सरकारी शिक्षा महाविद्यालय संचालित हैं। इन महाविद्यालय में केवल ङ्क्षसगल पाठ्यक्रम अर्थात डीएलएड पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। यदि ङ्क्षसगल पाठ्य़क्रम वाले कॉलेज बंद होते हैं तो पहले सरकारी कॉलेज ही बंद होंगे। वही राज्य में सरकारी कॉलेज को मिलाकर कुल 175 शिक्षा महाविद्यालय हैं। इनमें 140 में बीएड और 70 कॉलेज में डीएलएड पाठ्यक्रम भी संचालित हो रहे हैं। इनमें से 30 फीसदी से ज्यादा ङ्क्षसगल यूनिट यानी ङ्क्षसगल पाठ्यक्रम वाले कॉलेज हैं।

राज्य में शिक्षा पाठ्यक्रम में सीटें
बीएबीएड-बीएससी

बीएड 250
बीएड 14495
डीएलएड 6710

डीएलएड की मांग बढ़ी
राज्य में इस साल प्रवेश Councelling में बीएड से ज्यादा डीएलएड की मांग देखने को मिली है। शिक्षक बनने इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई जरूरी है। यही कारण है कि बीएड और डीएलएड की सीटें लगभग सभी वर्ष भर जाती हैं। न्यायालय के आदेश और राज्य में आने वाले शिक्षक के नए पदों के कारण वर्तमान सत्र में डीएलएड की मांग बढ़ी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में पहली से पांचवीं कक्षा तक अध्यापन के लिए डीएलएड डिग्री को अनिवार्य बताया था।

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